Wednesday, January 17, 2018
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नोटबंदी के बाद अब एक और धमाका करेगी मोदी सरकार – सबके पास भेजेगी “लक्ष्मी” – पूरी दुनिया इस फ़ैसले से दंग

अभी लोग नोटबंदी को भी नहीं भूले हैं कि मोदी सरकार अब एक और झटका देने वाली है l केंद्र की मोदी सरकार अब देशवासियों को एक और झटका देने की तैयारी में है l इस बारे में विचार जारी है और माना ये जा रहा है कि जल्द ही करेंसी के साथ इस एक और प्रयोग को अमल में लाया जा सकता है l

केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले साल नोटबंदी कर दुनिया को चौंका दिया था, लेकिन करंसी के साथ उसका यह आखिरी प्रयोग नहीं था। भारतीय रिजर्व बैंक अब क्रिप्टोकरंसी की दिशा में कदम आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। जी हाँ क्रिप्टोकरेंसी l

दुनिया की पहली क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन की लोकप्रियता के बाद भारतीय रिजर्व बैंक अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने की तरफ कदम बढ़ा रहा है l हालांकि अब तक वह इस गैर-व्यवस्थित कही जाने वाली करंसी को लेकर बहुत सहज नहीं था। आरबीआई ने भले ही लोगों को वर्चुअल करंसी के इस्तेमाल के प्रति चेताया हो, लेकिन एक घरेलू बिटकॉइन एक्सचेंज का कहना है कि हर दिन उसके 2,500 यूजर बढ़े हैं और डाउनलोड 5 लाख हो गए हैं।

2015 में लॉन्च हुई कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ते डाउनलोड्स से पता चलता है कि लोगों को बिटकॉइन पर भरोसा बढ़ा है और यह करंसी सबसे लोकप्रिय इमर्जिंग असेट्स क्लास के तौर पर उभरी है। अब ऐसे में आरबीआई में एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप भारतीय करंसी रुपये के डिजिटल विकल्प की संभावनाओं पर विचार कर रहा है l

ऐसा इसलिए क्योंकि बिटकॉइन खरीदने वाले अधिकतर लोगों का अनुभव अच्छा रहा है l ऐसे ही लगभग चार वर्ष पहले बिटकॉइन खरीदने वाले हर्षद गावड़े (32) को यह उम्मीद नहीं थी कि उनका यह इन्वेस्टमेंट इतना रिटर्न देगा कि जिससे पूरा देश घूमने का उनका खर्च निकल जाएगा। हर्षद अब इस मुनाफे की बदौलत उत्तराखंड में रूपकुंड से अपनी छह महीने की यात्रा शुरू करने जा रहे हैं।

मुंबई के रहने वाले हर्षद ने बताया, ‘मैंने बिटकॉइन में तब इन्वेस्ट किया था, जब एक कॉइन की कीमत 28,000 रुपये थी और अब यह 10 गुना बढ़ चुकी है।’ 30 अगस्त को एक बिटकॉइन की कीमत 2,91,822 रुपये थी। पिछले वर्ष नवंबर में डॉनल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से बिटकॉइन की वैल्यू लगातार बढ़ रही है। बहुत से लोग अब इन्वेस्टमेंट के जरिए के तौर पर वर्चुअल करंसी बिटकॉइन खरीद रहे हैं।


अब ऐसे में आरबीआई ने भी ऐसा करने के बारे में सोचा है और ख़बरें ये भी हैं कि इस करेंसी का नाम तक सोच लिया गया है l मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक धन की देवी के नाम पर आरबीआई अपने बिटकॉइन का नाम ‘लक्ष्मी’ रख सकता है l गौरतलब है कि हिन्दू मान्यताओं के अनुसार लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है l

आपको बता दें कि आरबीआई की क्रिप्टोकरंसी उसकी उस योजना का हिस्सा हो सकता है, जिसके तहत वह ब्लॉकचेन तैयार करने पर विचार कर रहा है। फ्रॉड और बैड लोन से निपटने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अन्य बैंकों और तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर इस पर काम कर रहा है। इस मामले में एसबीआई आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, स्काइलार्क, केपीएमजी और 10 कमर्शल बैंकों के साथ काम कर रहा है।
गौरतलब है कि क्रिप्टोकरंसीज के लेनदेन का लेजर रेकॉर्ड रखने वाली व्यवस्था को ब्लॉकचेन कहा जाता है।

अब आपके ज़ेहन में ये सवाल होगा कि आख़िर क्रिप्टोकरेंसी होती क्या है तो आपको बता दें कि क्रिप्टोकरंसी को ई-मुद्रा भी कह सकते हैं। यह आपके नोटों की तरह नहीं होती है, केवल कंप्यूटर पर ही दिखाई देती है और सीधे आपकी जेब में नहीं आती। इसलिये इसे डिजिटल करेंसी, वर्चुअल करेंसी (Virtual Currency) कहते हैं। इसकी शुरुआत 2009 में हुई थी।

इसके इस्तेमाल और भुगतान के लिये क्रिप्टोग्रफी का इस्तेमाल किया जाता है और इसलिए इसे क्रिप्टोकरंसी कहा जाता है। बिटकॉइन को दुनिया की पहली क्रिप्टोकरंसी कहा जाता है और इसको जमा करना माइनिंग कहलाता है। क्रिप्टोकरंसी को दुनिया के किसी भी कोने में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है और किसी भी प्रकार की करेंसी में कनवर्ट किया जा सकता है जैसे डॉलर, यूरो और अन्य l

आपको बता दें कि बिटकॉइन एक डीसेंट्रलाइज्ड, पेपरलेस क्रिप्टो करंसी है और इसका आविष्कार 2009 में हुआ था। दुनिया के देशों की करंसी के विपरीत क्रिप्टो करंसी को बैंक या एक कंसोर्शम जैसी कोई सेंट्रल अथॉरिटी प्रोड्यूस नहीं करती। बिटकॉइन ‘माइनिंग रिग्स’ कहे जाने वाले कंप्यूटर प्रोड्यूस करते हैं और ये कंप्यूटर इस वर्चुअल करेंसी को हासिल करने के लिए गणित की जटिल समस्याओं को हल करते हैं और एक लेजर सभी ट्रांजैक्शंस का रिकॉर्ड रखता है।

एक क्रिप्टो करंसी माइनिंग रिग हर समय काम करता है और इसका परफॉर्मेंस हाई-ऐंड ग्राफिक कार्ड और इस्तेमाल किए जाने वाले कूलिंग सिस्टम पर निर्भर करता है। माइनिंग रिंग की औसत कीमत 3 लाख रुपये होती है। क्रिप्टो करंसी हासिल करने की बड़ी कंप्यूटिंग ताकत रखने वाली इन मशीनों में बहुत से ऑनलाइन वेंडर्स के साथ ही लोग भी इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं।

आपको बता दें कि क्रिप्टोग्रफी एक प्रकार का कूट लेखन यानी एनकोडिंग है। इसमें भेजे गये संदेश या बिटकॉइन या जानकारी को सांकेतिक शब्दों में बदलना होता है, जिससे उसे भेजने वाला या रिसीव करने वाला ही पढ़ पाए।

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