Wednesday, January 17, 2018
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म्यांमार के बाद लद्दाख में भी बिगड़े हालात – रोहिंग्या मुस्लिमों के ख़िलाफ़ ये खतरनाक फ़रमान हुआ जारी – महबूबा के उड़े होश

म्यांमार के बाद अब लद्दाख में भी रोहिंग्या मुस्लिमों और बौद्धों के बीच तनाव है और ऐसे में रोहिंग्या मुस्लिमों के ख़िलाफ़ एक ऐसा फ़रमान ज़ारी हुआ है जो सूबे की सीएम महबूबा मुफ़्ती की भी नींद उड़ाये हुए है l दरअसल लद्दाख में ये हालात लव ज़िहाद की वज़ह से बने और अब वहां हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि दोनों ही पक्ष लद्दाख से एक दूसरे को निकालने पर आमादा हैं l

म्यांमार जैसी स्थिति अब भारत में भी हो रही है l जिस तरह से म्यांमार में बौद्ध रोहिंग्या मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हल्ला बोले हुए हैं और उन्हें देश से निकालने पर आमादा हैं, ठीक वैसे ही अब लद्दाख के बौद्धों ने भी मुस्लिमों को लद्दाख से निकालने की ठान ली है और फ़रमान जारी कर दिया है l

खबर के मुताबिक़ एक मुस्लिम शख्स ने एक बौद्ध लड़की को बहला-फुसला कर उससे शादी कर ली और धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लाम कबूल करवा लिया, जिसके बाद से जम्मू कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव बना हुआ है l मुस्लिम युवक का नाम सईद मुर्तज़ा आगा है और लदाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि बौद्ध लड़की को द्रास के रहने वाले इस मुस्लिम युवक ने बहला-फुसला कर शादी के लिए मजबूर किया l

वहीँ मुस्लिम युवक और उसके परिवार का कहना है कि दोनों ने शादी अपनी सहमति और रजामंदी से की है l वैसे इसे भी केरल के लव जिहाद की तरह का मामला कहा जा रहा है l आपको बता दें कि केरल में लव जिहाद की बात पहले इसी तरह से नकार दी गयी थी लेकिन बाद में जांच में तथ्य सामने आने के बाद केरल हाई कोर्ट ने ऐसी ही एक शादी को रद्द कर दिया था और अब पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंपी जा चुकी है l

लद्दाख में बौद्धों के मुताबिक़ एक साज़िश  के तहत लद्दाख का जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने के लिए लव जिहाद शुरू किया गया है l मुस्लिम युवक बौद्ध लड़कियों को फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं l इस केस में बौद्ध युवती जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही थी, उसे बहलाया गया और धर्म परिवर्तन करा लिया गया l इसके बाद उसे इस्लाम क़बूल करवाया गया l इस्लाम अपनाने के बाद युवती का नाम शिफा रखा गया और जिसका रजिस्ट्रेशन कर्नाटक हाईकोर्ट में करवाया गया है l

मुस्लिम युवक सईद पेशे से एक इंजीनियर है और वो भी जम्मू में ही अपनी पत्नी के साथ रह रहा है l इन दोनों की शादी को लेकर लदाख छेत्र में बवाल बना हुआ है, यहां तक कि लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने लेह में विरोध प्रदर्शन करके 7 दिन के भीतर लड़की को अपने माता पिता को सौंपने का अल्टीमेटम भी दिया है l

आरोप है कि मुस्लिम युवक युवतियों को ये कहकर झांसा देते हैं कि वो बौद्ध हैं और झूठे नाम से युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया जा रहा है और उनसे शादी की जा रही है l कहना ये भी है कि पी़ड़ित लड़कियों को अपने साथ हुए इस धोखे का पता शादी के बाद पता चलता है l

लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक़ 2003 से अब तक 45 से अधिक बौद्ध लड़कियों ने मुस्लिम लड़कों से शादी की है और सबने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है l एसोसिएशन के एक शीर्ष अधिकारी कुजैंग ने आरोप लगाया कि लड़कियों से इस तरह के बयान दबाव डालकर दिलवाए जाते हैं l

म्यांमार में बुद्धिस्ट और मुस्लिम समुदाय के बीच हुई हिंसा से विवाद इतना बढ़ गया है कि लेह शहर में बौद्ध समुदाय ने मुसलमानों को इलाक़े से निकलने का फ़रमान जारी कर दिया है l कारगिल के मुस्लिम संघटनों ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मामले में दखल देने की अपील की है और शादीशुदा जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील भी की है l आपको बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट भी राज्य सरकार को शादीशुदा जोड़े की सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दे चुका है l

वहीँ  लद्दाख बौद्ध असोसिएशन (एलबीए) ने जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी पीडीपी-बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है l एलबीए ने राज्य में बौद्ध-मुस्लिम तनाव को सुलझाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद लेने का निर्णय लिया है l

एलबीए के अधिकारी पीटी कुंजांग ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि एक बौद्ध प्रतिनिधिमंडल पीएम से मिलने का समय मांग रहा है l आपको बता दें कि लद्दाख में बौद्ध धर्म को मानने वालों की आबादी 51 फीसदी है जबकि 49 फीसदी मुस्लिम हैं और एलबीए का विरोध इस बात को लेकर है कि राज्य प्रशासन कथित तौर पर बौद्ध लड़की के धर्म परिवर्तन के मामले की अनदेखी कर रहा है l

करगिल में द्रास के 32 साल के मुर्तजा आगा ने 2016 में बौद्ध लड़की से शादी कर ली थी l इस बौद्ध लड़की ने धर्म परिवर्तन के बाद अपना नाम शिफा कर लिया था l शिफा और मुर्तजा इस वक्त श्रीनगर में एक गुप्त जगह पर रह रहे हैं l शिफा ने हालांकि सीएम महबूबा को लिखे पत्र में ये माना है कि उसने मुर्तजा से शादी अपनी पसंद से की है और दिल्ली के एक एनजीओ में काम करने के दौरान दोनों एक दूसरे से प्यार कर बैठे थे, लेकिन बौद्ध संगठन का कहना है कि ऐसा जबरन करवाया गया है l

राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन नायमा महाजूर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक शिफा ने 2015 में इस्लाम कबूल कर लिया था, इसके बाद 2016 में बेंगलुरु में दोनों ने शादी कर ली l इस बीच, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने प्रशासन से इस जोड़े को परेशान न करने को कहा है l हालांकि, LBA अधिकारी पीटी कुंजांग ने कहा कि सरकार बौद्धों को खत्म करना चाहती है लेकिन हम अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे l

एक और लद्धाख के अधिकारी ने बताया कि युवा बौद्ध लड़कियां क्षेत्र के कई और हिस्सों में मुस्लिमों के झांसे में फंस गई हैं और मुस्लिम लड़कों ने खुद को बौद्ध बताकर उन्हें अपने झांसे में लिया l हालांकि शादी के बाद लड़कियों को पता चल गया कि वे मुस्लिम हैं l इस अधिकारी का दावा है कि 2003 से अब तक यहां पर 45 से ज्यादा लड़कियों ने मुस्लिम लड़कों से शादी की है और लड़कियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा अपनी इच्छा से किया है l वहीँ मुस्लिमों के मुताबिक, धर्मांतरण एकतरफा नहीं है, कई मुस्लिम लड़कियों को भी बौद्ध बनाया गया है l

आपको बता दें कि लद्दाख में लेह और कारगिल दो जिले हैं और यहां की कुल आबादी 2,74,000 है, जिसमें 49  फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है l 1989 में, यहां बौद्धों और मुस्लिमों के बीच हिंसा हुई थी और इसके बाद एलबीए ने मुस्लिमों का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार किया, जो 1992 में हटा था l

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