Friday, December 15, 2017
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महाभारत से जुड़े इस बड़े रहस्य को खोजेगा पुरातन विभाग – यहाँ होगी खुदाई – हिन्दुओं में ख़ुशी की लहर

मोदी सरकार में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने एक ऐसी खुदाई के लिए हामी भर दी है, जिसकी मांग काफी लम्बे समय से चली आ रही थी l इस खुदाई का मक़सद महाभारत से जुड़े उस रहस्य को खोजना है, जिसकी मांग लम्बे समय से की जा रही है l दरअसल उत्तर प्रदेश की

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई जल्द ही महाभारत के प्रसिद्ध लाक्षागृह की तलाश में बागपत जिले के भरनावा इलाके में खुदवाई करवाएगा l स्थानीय इतिहासकारों और पुरात्तववेत्ताओं की सालों पुरानी इस मांग पर आखिरकार एएसआई ने अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी है l

गौरतलब है कि महाभारत में पांडवों को जान से मारने के लिए कौरवों ने लाख का महल बनवाया था जिसमें पांडवों को जिंदा जलाने की योजना थी लेकिन पांडवों को विदुर के जरिए इसकी भनक लग गई और वो जलते हुए महल से सुरंग के रास्ते बचकर निकल गए l इसी लाख के महल के लाक्षागृह कहा जाता है l

एक अंग्रेजी अखबार की ख़बर के मुताबिक़ टाइम्स एएसआई के निदेशक जितेंद्र नाथ ने कहा कि प्रस्ताव के विस्तृत अध्ययन के बाद हमने एएसआई के दो प्रधिकारणों को लाइसेंस दिया है जिनमें एएसआई की उत्खनन ब्रांच और दिल्ली के लाल किले स्थित पुरातत्व विज्ञान संस्थान शामिल हैं l

दोनों संस्थान संयुक्त रूप से खुदाई कर लाक्षागृह का पता लगाएंगे l  अगले महीने की शुरुआत में ये खुदाई शुरू हो जाएगी और तीन महीने चलेगी l पुरात्तवविज्ञान संस्थान के छात्र भी इसमें शामिल होंगे l आपको बता दें कि एएसआई को इस खुदाई से इसलिए भी उम्मीद है क्योंकि इससे पहले आसपास के इलाकों में हुई खुदाई से उसे कई महत्वपूर्ण चीजें मिली थीं l

एएसआई ने इस साइट का चुनाव इसलिए किया है क्योंकि ये चंदायन और सनौली के नजदीक है l सनौली में उत्खनन के दौरान हड़प्पा के समय की कई महत्वपूर्ण चीजें मिली थीं l

गौरतलब है कि 2005 में यहां से बड़ी मात्रा में कंकाल और बर्तन मिले थे l इसी तरह 2014 में चंदायन गांव में तांबे का एक मुकुट मिला था जो रत्नों से जड़ा था l आपको बता दें कि एएसई की दिलचस्पी सबसे ज्यादा उस सुरंग को खोजने में है जहां से पांडव महल से बचकर बाहर निकले थे l

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