Friday, December 15, 2017
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आप गुजरात चुनावों की ख़बरों में व्यस्त थे वहां यूपी से आ गयी ये बड़ी ख़बर –सालों बाद हुए कई अहम खुलासे – कई बड़े नेता रडार पर

आज देश में दुश्मन सिर्फ सीमा पार से ही नहीं घुस रहे हैं बल्कि हमारी पिछली सरकारों की मूर्खता की वजह से वे आराम से अलग-अलग राज्यों में मस्त रह भी रहे हैं और अपने आतंकवाद को फ़ैलाने की साज़िश में लगे हुए हैं l ऐसी ही बड़ी खबर इस वक़्त यूपी के मुरादाबाद से आई जिसे देख आप भी सोचेंगे कि पिछली सरकारें आखिर कर क्या रही थीं l

खबर के मुताबिक यूपी एटीएस और आइबी की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है और उन्होंने लश्कर के आतंकी और गोधरा कांड में आरोपी रह चुके फरहान अहमद अली को गिरफ्तार कर लिया है l उसके पास से ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन और पहचान पत्र भी बरामद हुआ है जो फर्जी पाए गए हैं l

जानकारी के अनुसार फरहान फर्जी दस्तावेज के आधार पर ये यहां काफी लंबे वक़्त से छिपा हुआ था l इसके साथ इसका एक और साथी पकड़ा गया है और अब इन दोनों की अब रिमांड ली जा रही है l

मुरादाबाद जनपद से लश्कर के सजायाफ्ता आतंकी और गोधरा कांड के आरोपी फरहान अहमद को गिरफ्तार किया गया है l फरहान अहमद जिले के मुगलपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज के साथ रह रहा था l

आपको बता दें कि फरहान अहमद गोधरा कांड में आरोपी रह चुका है और उसे कोर्ट ने दोषी माना था l पोटा कानून के तहत दोषी साबित हुए फरहान अहमद को 2009 में जमानत मिली थी, जिसके बाद से वह मुरादाबाद में फर्जी दस्तावेज बनाकर रह रहा था l

इतना ही नही आतंकी फरहान ने फर्जी पासपोर्ट बनाकर कुवैत की यात्रा भी 2016 में की थी और उसके पास से ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन और पहचान पत्र भी बरामद हुआ है जो फर्जी पाए गए हैं l

मूल रूप से सिद्धार्थनगर जनपद के रहने वाला फरहान अहमद मुरादाबाद में फरहान अहमद अली के नाम से रह रहा था और वह 2009 में मुरादाबाद आने के बाद कटघर और मुगलपुरा थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था l गोपनीय सूचना के बाद गुरुवार देर रात पुलिस ने आतंकी फरहान को गिरफ्तार कर लिया l

फ़िलहाल एटीएस ओर आईबी की स्पेशल टीमें फरहान से पूछताछ कर रही हैं और फरहान अहमद के खिलाफ मुगलपुरा थाने में आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है l

नोएडा एटीएस, आईबी और मुगलपुरा पुलिस ने मुरादाबाद से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फरहान अहमद को गुरुवार देर रात को अरेस्ट किया। उसके पास से फर्जी राशन कार्ड, पैन कार्ड भी बरामद हुए। आतंकी साजिश रचने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट ने इसे बरी करते हुए विदेश जाने पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद वह फर्जी पासपोर्ट पर कुवैत गया था l अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।

ख़बरों के मुताबिक़ फरहान अहमद सिद्धार्थनगर का रहने वाला है और आरोप है कि वह लश्कर का एक्टिव मेंबर है। वह मुरादाबाद में रह रहा था। यहां उसने फरहान अहमद अली के नाम से फर्जी पासपोर्ट और राशनकार्ड भी बनवा लिया। फर्जी पासपोर्ट के आधार पर वह कुवैत भी हो आया। ऐसा कहा जाता है कि उसका परिवार कुवैत में रहता है।

2002 में गोधरा कांड के बाद फरहान कुवैत से अहमदाबाद बदला लेने के लिए आया था और करीब 15 दिन रहा। आरोप है कि इस दौरान वह अपने साथ लोगों को जोड़ना चाहता था। इंटेलिजेंस ब्यूरो को उसकी जानकारी मिली और इसकी भनक लगते ही वह दिल्ली भाग गया।

इसके बाद दिल्ली की स्पेशल सेल ने निजामुद्दीन से अरेस्ट किया और उस वक़्त उसके पास से 4 किलो एक्सप्लोसिव, 2 डेटोनेटर, एक चाइनीज पिस्टल और 15 कारतूस बरामद हुए थे।

2007 में दिल्ली हाईकोर्ट से उसको जमानत मिल गई। इसके बाद वह फर्जी पासपोर्ट पर कुवैत चला गया। वापस आया तो सुरक्षा एजेंसियों ने उसे फिर से अरेस्ट कर लिया। 2009 में वह जमानत पर छूटा और मुरादाबाद आ गया।

आतंकी फरहान ने आरटीओ से अलग-अलग तारीखों में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था। पहला लाइसेंस 18 अक्टूबर 2002 को बनवाया गया, जबकि मुरादाबाद से ही दूसरा लाइसेंस तीन फरवरी 2010 को जारी किया गया। दोनों लाइसेंस में नाम फरहान अहमद अली है, जबकि जन्म तारीख अलग-अलग थींं।

ऐसा कहा जाता है कि आतंकी फरहान का पूरा परिवार कुवैत में रहता है और उसके परिवार में वाइफ शकीना, भाई कामरान, इमरान, उस्मान और मां आएशा खातून हैं।

वहीँ इस मामले पर मुरादाबाद के एसएसपी प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि  ”पोटा के मामले में सजायाफ्ता फरहान को फर्जी पासपोर्ट के मामले में अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा दिल्ली और अहमदाबाद से भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।”

एबीपी न्यूज़ की जानकारी के मुताबिक पुलिस को पड़ताल में चला चला कि फरहान ने अहमदाबाद के रहने वाले शाहिद अहमद के साथ कुवैत में आरएसएस, विहिप और बजरंग दल के बड़े नेताओं के कत्ल की साजिश रची थी l ये दोनों दिल्ली में हथियारों के साथ पकड़े गए थे और पोटा के तहत इन लोगों को सजा भी सुनाई गई थी l 2002 में गोधरा कांड के बाद फरहान कुवैत से गुजरात के अहमदाबाद बदला लेने के लिए आया था और करीब 15 दिन रहा l उसके पास से चार किलो विस्फोटक, 2 डेटोनेटर, एक चाइनीज पिस्टल और 15 कारतूस बरामद हुए थे l

आगे की और कड़ी पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसे कुवैत से मोटा पैसा मिल रहा था l यहाँ फरहान स्थानीय मदद और लोगों की वजह से छिपता फिर रहा था l अब इसके और कितने साथी हैं और इनकी योजना क्या थी, ये सब पूछताछ में निकाला जा रहा है l

अब सवाल ये कि जहाँ आम आदमी अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए जूझ रहा है, वहां इन लश्कर आतंकियों के आधार कार्ड बने हुए हैं l अखिलेश सरकार आख़िरकार कर क्या रही थी, जो अब आतंकवादी पकड़े जा रहे हैं l

कांग्रेस सरकार ने आधार कार्ड व्यवस्था को ऐसे लागू किया कि आधार कार्ड पर कुत्ते बिल्लियों की फोटो छपने लगी थी और न जाने कितने लाखों आधार कार्ड फर्जी बनाये गए जिन्हे बाद में जलाया गया l

हमें जाबांज आईबी और एटीएस के अधिकारीयों पर गर्व होना चाहिए कि वो देश में अंदर बैठे हुए आतंकवादियों को ढूंढ कर गिरफ़्तार कर रही है l इसके साथ ही सवाल उठता है उन दलालों पर जो सरकार में बैठकर लोगों के फ़र्ज़ी पहचान पत्र, आधारकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हैं l इन जैसे दलालों का फायदा ये आतंकवादी उठाते हैं और फर्जी दस्तावेज बनाकर अपने नापाक मंसूबे पूरे करने कि साज़िश रचते रहते हैं l

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