Wednesday, January 17, 2018
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ईमानदारी का ढिंढोरा पीटने वाले केजरीवाल की खुली पोल – राज्यसभा उम्मीदवार का हुआ पर्दाफ़ाश – हर कोई हैरान

ईमानदारी को अपनी यूएसपी बताकर सत्ता हासिल करने वाले अरविन्द केजरीवाल ने लगता है अब वो सबक भुला दिए हैं, जो रामलीला मैदान के उस आन्दोलन से उन्होंने सीखे थे l अन्ना हजारे के साथ मंच साझा करने वाले और फिर दूसरी पार्टियों पर करप्शन का आरोप लगाकर खुद धरने पर बैठने वाले अरविन्द केजरीवाल ने रामलीला मैदान से ही खुद के राजनीति में आने का ऐलान कर दिया था l

उस वक़्त ऐसा लगा था कि देश की सियासत को एक नयी दिशा मिल गयी और देश की सियासी दशा में अब सुधार आएगा l वक़्त बीता और बीतते वक़्त के साथ अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पर भी करप्शन के आरोप लगने लगे l कुछ आरोप तो उनके अपनों तक ने ही लगा दिए और आरोप लगाकर वो अरविन्द की आम आदमी पार्टी से अलग हो गए l

इन आरोपों की गूँज जब बुज़ुर्ग अन्ना के कानों में गूंजी तो उन्होंने खुद से अरविन्द को न सिर्फ अलग कर लिया बल्कि आम आदमी पार्टी और अरविन्द केजरीवाल को सपोर्ट करने से भी इन्कार कर दिया l दरअसल अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान पर वो ऐतिहासिक आन्दोलन देश की सियासत में बढ़ते भ्रष्टाचार से दुखी होकर और देश में लोकपाल क़ानून बनाने के लिए किया था लेकिन जब उन्ही के आन्दोलन से निकले अरविन्द केजरीवाल की पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो अन्ना ने उनसे किनारा करना ही बेहतर समझा l

अरविन्द केजरीवाल समय समय पर बीजेपी और पीएम मोदी को कोसते रहे और खुद को ईमानदार बताकर दूसरी पार्टियों को बेईमान बताने में लगे रहे l अब अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने लम्बे इंतज़ार के बाद अपने 3 राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है l

इन नामों के सामने आने के बाद इन उम्मीदवारों की पोल खुलना भी शुरू हो गयी है l एक ट्वीट ने बहुत कुछ कह दिया है l तमाम अटकलों के बाद आम आदमी पार्टी ने आखिरकार राज्यसभा के लिए अपने तीनों उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है l

कुमार विश्वास और आशुतोष जैसे नेताओं को दरकिनार कर पार्टी ने संजय सिंह, सुशील गुप्ता और नारायण दास गुप्ता को टिकट दिया है l इनमें से कारोबारी सुशील गुप्ता पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे l कांग्रेस नेता अजय माकन ने सुशील गुप्ता को लेकर एक ट्वीट किया है, जो काफी कुछ कहता है l

सुशील गुप्ता का नाम सामने आने के बाद माकन ने लिखा कि 28 नवंबर, 2017 को गुप्ता मेरे पास अपना इस्तीफा लेकर आए l जब मैंने उनसे पूछा कि क्यों, तो उन्होंने कहा कि मुझे राज्यसभा भेजने का वादा किया गया है l इस पर माकन ने हंसते हुए कहा कि ये संभव ही नहीं, तो गुप्ता ने कहा कि सर, आप नहीं जानते हैं l अजय माकन ने सुशील गुप्ता का इस्तीफा भी ट्वीट किया l

उन्होंने लिखा कि चालीस दिन में बहुत कुछ बदल गया, वैसे भी सुशील गुप्ता चैरिटी के लिए जाने जाते हैं l गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ने से पहले सुशील गुप्ता कांग्रेस के साथ थे और 2015 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था l इसके अलावा सुशील गुप्ता का एक पोस्टर काफी चर्चा में आया था और इस पोस्टर में उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया था l

दरअसल, एक रिपोर्ट में सामने आया था कि केजरीवाल सरकार ने प्रचार-प्रसार के लिए कई करोड़ रुपए खर्च किए हैं और जिसके खिलाफ सुशील गुप्ता की अगुवाई में अभियान चला था l पोस्टर में लिखा था कि 854 करोड़ रुपए जनता की कमाई, केजरीवाल ने प्रचार में लुटाई l और तो और सुशील गुप्ता ने इसे वसूली दिवस का नाम दिया था l

अब सवाल ये कि आख़िर अब ऐसा क्या बदल गया जो सुशील गुप्ता के लिए केजरीवाल और केजरीवाल के लिए गुप्ता जी बेहद ख़ास हो गए l तो इसका काफी हद तक जवाब सुशील गुप्ता की संपत्ति देखकर लगाया जा सकता है l

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) से जुड़ी वेबसाइट myneta.info के मुताबिक, गुप्ता करोड़ों के मालिक हैं और उनकी और उनकी पत्नी की संपत्ति की लिस्ट भी लंबी-चौड़ी है l इसकी जानकारी उन्होंने खुद शपथ पत्र से दी है l आइए विस्तार से जानते हैं आप कैंडिडेट की संपत्तिl

आम आदमी से गुप्ता को राज्यसभा भेजा जा रहा है l पार्टी ने गुप्ता को शिक्षाविद् और सोशल वर्कर बताया है l आम आदमी पार्टी के मुताबिक, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुप्ता ने बढ़िया काम किया है l गुप्ता 2013 में मोतीनगर दिल्ली से चुनाव लड़ चुके हैं l 2013 में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, गुप्ता और उनकी पत्नी के पास कैश 7 लाख, बैंक में 6 लाख, बॉन्ड और शेयर वगैरह में दो करोड़ रुपये जमा हैं l इसके अलावा करोड़ों रुपये अन्य कंपनियों में भी हैं l

एडीआर के मुताबिक, गुप्ता और उनकी पत्नी ने 61 करोड़ रुपये एडवांस या पर्सनल लोन के तौर पर दिए हैं और उनके पास मौजूद कारों के दाम भी 43 लाख रुपये है l आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा भेजे जा रहे सुशील कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी के पास कुल 42 लाख रुपये की ज्वेलरी भी मिली है l

सुशील कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी के 11 जगहों पर घर भी हैं, जिनके दाम भी करोड़ों में उन्होंने बताए हैं, जबकि उनके पास मौजूद कृषि योग्य जमीन की भी लंबी लिस्ट है l

आप से बेदखल किये गए कपिल मिश्रा का कहना है कि अरविन्द केजरीवाल ने सुशील गुप्ता की संपत्ति को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फ़ैसला किया l

सुशील गुप्ता और एन. डी. गुप्ता को AAP की तरफ से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने पर अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। AAP के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने जहां एक निजी न्यूज चैनल से कहा कि AAP ने लीडर और डीलर में एक डीलर को चुना है। वहीं योगेन्द्र यादव ने ट्वीट किया कि वह स्तब्ध और शर्मिंदा हैं। इसके अलावा प्रशांत भूषण  ने भी इसे AAP का घोर पतन करार दिया है।

कपिल मिश्रा ने AAP पर पैसे वालों को टिकट देने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा कि अब जाहिर हो गया है कि राज्यसभा कैसे जाते हैं। केजरीवाल के पूर्व सहयोगी योगेंद्र यादव ने कहा कि जब कपिल मिश्रा केजरीवाल पर बिकने का आरोप लगाते थे तो उन्हें यकीन नहीं होता था लेकिन आज वह स्तब्ध और शर्मसार हैं।

यादव ने ट्वीट कर कहा कि केजरीवाल में चाहे जो भी दोष हों लेकिन कोई उन्हें खरीद नहीं सकता। उन्होंने ट्वीट किया, ‘पिछले 3 साल में मैंने न जाने कितने लोगों को कहा कि अरविंद केजरीवाल में और जो भी दोष हों, कोई उसे खरीद नहीं सकता। इसीलिए कपिल मिश्रा के आरोप को मैंने खारिज किया। आज समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या कहूं? हैरान हूं, स्तब्ध हूं, शर्मसार भी।’

दूसरी तरफ AAP के पूर्व नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने AAP की तरफ से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए गए लोगों की योग्यता पर ही सवाल किया है। भूषण ने ट्वीट किया कि AAP ने जिन लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है, उनकी लोकसेवा के क्षेत्र में कोई विशिष्ट पहचान नहीं है और न ही वे किसी भी क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, जिन्हें राज्यसभा भेजा जाए। भूषण ने आगे लिखा कि वॉलनटिअर्स की आवाज को नजरअंदाज करना यह दिखाता है कि पार्टी का अब पूरी तरह से पतन हो चुका है।

वहीँ राज्यसभा ना भेजे जाने से नाराज कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला है l कुमार ने कहा कि मुझे सर्जिकल स्ट्राइक, टिकट वितरण में गड़बड़ी, जेएनयू समेत अन्य मुद्दों पर सच बोलने के लिए मुझे दंडित किया गया है l मैं इस दंड को स्वीकार करता हूं l

प्रतिक्रिया देते हुए कुमार ने कहा कि सब अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं l आप अपनी लड़ रहे हैं, मैं अपनी लड़ रहा हूं l मैं बहुत शुभकामाएं देता हूं l  नवनीत बना कर भेजा है देश के सर्वोच्च सदन में जहां अटल और इंदिरा की आवाज गूंजी है l

आम आदमी पार्टी के तीनों राज्यसभा उम्मीदवारों को देखें तो पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का नाम इसलिए तय किया गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की अहमियत समझती है। संजय सिंह के नाम को लेकर कोई विवाद भी नहीं था। यहां तक कि कुमार विश्वास के समर्थक भी संजय सिंह के नाम को लेकर कोई आपत्ति नहीं जता रहे हैं।

दूसरे उम्मीदवार एन.डी. गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। पार्टी के एक नेता के मुताबिक दिल्ली में जीएसटी के सबसे बड़े जानकारों में से एक गुप्ता हैं। 68 साल के गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट असोसिएशन के प्रेजिडेंट रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक गुप्ता अरविंद केजरीवाल के साथ एनजीओ ‘परिवर्तन’ के समय से जुड़े हैं। दो साल से AAP की अकाउंटिंग का सारा काम गुप्ता ही देख रहे हैं। पार्टी एक सीए की तलाश कर रही थी और गुप्ता पर जाकर यह तलाश खत्म हुई।

तीसरे उम्मीदवार सुशील गुप्ता सोशल ऐक्टिविस्ट हैं और पूर्व कांग्रेसी हैं। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं। गुप्ता ने हेल्थ और एजुकेशन दोनों सेक्टरों पर काफी काम किया है। उनके दिल्ली में 10 से ज्यादा चैरिटेबल हॉस्पिटल चल रहे हैं और कई स्कूल। वह महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल और स्कूल के ट्रस्टी हैं और गंगा इंटरनैशनल स्कूल भी चलाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक 2013 में भी आप ने सुशील गुप्ता को मोतीनगर सीट से टिकट ऑफर किया था लेकिन तब उन्होंने इनकार कर दिया था। वह कांग्रेस के टिकट पर मोतीनगर से 2013 का दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। तब उन्हें बीजेपी के सुभाष सचदेवा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वह तब दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार थे और उन्होंने हलफनामे में अपनी संपत्ति 164 करोड़ रुपये बताई थी।

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