Wednesday, January 17, 2018
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कश्मीर में मोदी सरकार की एक और बड़ी कामयाबी – खुले कई सनसनीखेज राज – ख़ुफ़िया एजेंसियों के हाथ लगी ये बड़ी कामयाबी

कश्मीर में जांच एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है l एनआईए ने अलगाववादियों, आतंकियों और पाकिस्तान के गठजोड़ को ध्वस्त कर दिया है l अलगावादियों और पाकिस्तान के बीच मुख्य लिंक का काम करने वाले गद्दार को धर-दबोचा गया है l सबसे बड़ा खुलासा तो ये हुआ है कि देश में आतंक फैलाने में पाक उच्चायोग भी शामिल था और इस खुलासे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है l ख़बर है कि कारोबारी ज़हूर वटाली पकिस्तान उच्चायोग से भी पैसे लेकर कश्मीर में हुर्रियत के बड़े नेताओं तक पहुंचाने का काम करता था l

एनआईए की टीम ने खुलासा किया है कि दुबई से आने वाले हवाला के पैसे को सैय्यद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी तक पहुंचाने का काम कारोबारी ज़हूर वटाली करता था l ज़हूर वटाली ही वो व्यक्ति है, जो पूरी घाटी की नब्ज़ की परख रखता है l ज़हूर वटाली की देश की कई राजनीतिक पार्टियों समेत सभी अलगाववादी नेताओं तक पहुंच रही है l

वटाली को सभी राजनीतिक पार्टियों की अंदर की बातें पता हैं और वो जानता है कि किस पार्टी का रिश्ता किस हद तक किस-किस के साथ है l गुरुवार को एनआईए ने ज़हूर वटाली को धर-दबोचा और उसके बाद शुक्रवार को उसे अदालत के सामने पेश किया गया l

बताया जा रहा है कि ज़हूर वटाली कश्मीर का सबसे बड़ा हवाला ट्रेडर है  और हवाला का पैसा अलगाववादियों तक पहुंचाने में उसकी मदद उसका चार्टर्ड अकाउंटेंट करता है l एनआईए ने ज़हूर वटाली से सम्बंधित कई ठिकानों पर छापेमारी करके कई संदिग्ध कागजात बरामद किये और इन्ही छापेमारी में एनआईए ने ज़हूर वटाली के सीए की 6 डायरियां भी बरामद की हैं l

जम्मू कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं को पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग के मामले में कई सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं l एनआईए के मुताबिक़ टेरर फंडिंग में सीधे पाकिस्तान उच्चायोग के हाथ होने के सबूत मिले हैं l  मामले की जांच करने में जुटी एनआईए के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान से मिलने वाली टेरर फंडिंग में हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी भी बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। एनआईए के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान और दुबई से टेरर फंडिंग के नाम पर नसीम गिलानी को भी रकम मिला करती थी।

एनआईए सूत्रों के अनुसार कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद वटाली को टेरर फंडिंग की रकम दुबई और पाकिस्तान से मिलती थी। उसे यह रकम भारत में स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए हासिल होती थी। एनआईए के मुताबिक वटाली के जरिए ही कश्मीर में सक्रिय अलगाववादियों को गड़बड़ी फैलाने के लिए रकम हासिल होती थी। वह 8 से 9 पर्सेंट तक कमिशन काटने के बाद रकम हुर्रियत के लोगों को ट्रांसफर कर देता था।

इस मामले में जांच के दायरे को बढ़ाते हुए एनआईए की ओर से जल्दी ही कुछ और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। इस बीच शुक्रवार को सुबह दिल्ली की एक अदालत ने जहूर को 10 दिन के लिए एनआईए की रिमांड पर भेज दिया। कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद वटाली को शुक्रवार को 10 दिन की एनआईए रिमांड में भेज दिया गया है। एनआईए ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग के मामले में कश्मीर के नामी-गिरामी कारोबारी और वरिष्ठ अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के करीबी जहूर वटाली को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।

वटाली को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उसे एनआईए की रिमांड में भेज दिया गया। एक दिन पहले ही एनआईए ने कश्मीर घाटी में वटाली के दफ्तर और घर के अलावा उसके रिश्तेदारों के घरों समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी। आतंकियों के 3 मददगारों, अल्ताफ अहमद मीर, इरशाद अहमद मीर और वसीम अहमद डार को भी बांदीपोरा क्षेत्र से गुरुवार को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।

आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से एनआईए की ओर से हुर्रियत नेताओं के दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान एजेंसी को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिससे उन पर पाक से रकम हासिल करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। गौरतलब है कि एनआईए ने इस मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को भी अरेस्ट किया है। एनआईए ने गिलानी के दामाद को भी इस मामले में अरेस्ट किया है।

वटाली पर आरोप है कि उसने अपने कई बिजनस का इस्तेमाल पाकिस्तान से फंड हासिल करने के लिए फ्रंट के तौर पर किया। बाद में उसने इन पैसों को संगठित तरीके से अलगाववादियों को पहुंचाया। ऐसा करने के लिए उसने अपने बैंक खातों के हिसाब में हेरफेर की।

सूत्रों के मुताबिक, वटाली की गिरफ्तारी की बड़ी वजह बनी उसकी 5 डायरियां, जिससे एनआईए अफसरों को ‘जानकारियों का खजाना’ हाथ लगा है। इन डायरियों में इस बात की डीटेल्स हैं कि सालों से विभिन्न माध्यमों-कैश, हवाला या दूसरे ट्रांसफर के जरिए किस तरह वटाली को पैसे मिले और बाद में उससे यह पैसे कैसे दूसरों को दिए गए।

इन डायरियों में पूरा लेखा-जोखा मौजूद है कि वो किस अलगाववादी नेता को हर महीने कितने पैसे देता था l कोर्ट ने पूछताछ के लिए वटाली को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया है, जिसके बाद अब कूट-कूट कर उससे पूछताछ की जा रही है l बताया जा रहा है कि उसके पास से बरामद हुए दस्तावेज काफी संगीन हैं और दिखाते हैं कि कैसे वो पिछले कई सालों से देश से गद्दारी कर रहा था l

बताया जा रहा है कि ज़हूर वटाली भारत में पाक ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान के हवाला रैकेट का सबसे बड़ा पार्ट था. हवाला के जरिये दुबई व् अन्य देशों से आने वाले पैसे को वो अलगावादियों तक पहुंचाता था और बदले में 8 से 9 प्रतिशत कमीशन के तौर पर लेता था l

अपना कमीशन काटने के बाद बचे हुए हवाला के पैसे को वो हुर्रियत नेताओं तक पहुंचाता था. एनआईए को शुरूआती जांच में कई सौ करोड़ के लेन-देन होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. बताया जा रहा है कि एनआईए द्वारा तबियत से कुटाई किये जाने के बाद ज़हूर वटाली ने कबूल किया है कि गिलानी के बेटे नसीम गिलानी को पाक हाई कमीशन से पैसे मिलते थे. इसके अलावा वो दुबई से हवाला के जरिये आने वाले पैसे को हुर्रियत के टॉप लीडर तक पहुंचाने का काम भी करता था l

इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है l अलगावादियों के खिलाफ केस और भी ज्यादा मजबूत हो गया है और अब उनके बचने का कोई सवाल ही नहीं उठता l कश्मीर में शान्ति स्थापित करने के मिशन में मोदी सरकार एक कदम और आगे बढ़ गयी है l

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