Wednesday, January 17, 2018
Home > अध्यात्म > धर्मगुरु दलाई लामा ने बताया क्यों है भारत असली विश्वगुरु और चीन है चेला – गर्व से फूल जायेगी आपकी छाती

धर्मगुरु दलाई लामा ने बताया क्यों है भारत असली विश्वगुरु और चीन है चेला – गर्व से फूल जायेगी आपकी छाती

भारत जहाँ आज तेज़ी से आधुनिक युग की ओर बढ़ता जा रहा है ऊँचे आयाम छू रहा है और पूरी दुनिया में अपनी ताक़त का लोहा मनवा रहा है l नासा अंतरिक्ष एजेंसी से लेकर हर बड़े पदों पर आज भारतीय बैठे हैं l अंतरिक्ष में उपग्रह प्रक्षेपित करवाने के लिए आज बड़े देश भारत के पास आ रहे हैं, जितना शानदार भारत का भविष्य बन रहा है, उतना ही महान और ज्ञान के भण्डार से भरा हुआ है, भारत का इतिहास भी l इसी महानता को अब तिब्बत के बड़े धर्मगुरु दलाई लामा ने पहचाना है, पूरी दुनिया समेत चीन को भी असलियत दिखाई है l

खबर के मुताबिक तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा ने बड़े टीवी के इंटरव्यू में कहा युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए देश के प्राचीन ज्ञान पर ध्यान देना चाहिए तथा इस बारे में और अधिक सीखना चाहिए l उन्होंने भारतीय सभ्यता की तारीफ करते हुए कहा कि इस सभ्यता ने हमारे जीने का ढंग बदला है और हमें इससे शांति मिली है, इसलिए मैं भारतीयों को कहता हूं कि सभ्यता के हिसाब से वो गुरू हैं और हम चेला हैं l

उन्होंने कहा कि जब भी उनके जीवन में कठिनाइयां आईं हैं, भारत की प्राचीन शिक्षा ने उन्हें मानसिक शांति प्रदान की है l मैंने भारतीयों से जीना सीखा है l उन्होंने कहा कि गुस्सा और दया हमारी भावनाओं का हिस्सा हैं l सकारात्मक और अच्छे कर्मों द्वारा हम इन भावनाओं पर नियंत्रण कर सकते हैं l

उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति ईश्वरीय परंपरा पर आधारित है जबकि भारतीय परंपरा में सांख्य दर्शन, वैदिक दर्शन, न्याय विद्यालय, मिमांसा परंपरा, चरवाका विद्यालय, जैन धर्म और बौद्ध धर्म और हाल ही में सिख धर्म, ब्रह्मा कुमार भी शामिल हैं l

दलाई लामा ने कहा कि ”आप इस महान देश की युवा पीढ़ी हैं l मैंने देश के साथ महान विशेषण इसलिए जोड़ा क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक देश और अर्थव्यवस्था है l उन्होंने कहा कि जब बाकी की पूरी दुनिया अब भी अंधेरे में है, अज्ञानी बनी रही, तब लगभग 3000 सालों से यह देश वास्तविकता को जानने और सच के गहरे मायनों को समझने की कोशिश करता l हम आज भी पूरी तरह भारत को नहीं समझ पाए हैं l

समाधि और विपाशना भारत की 3 हजार साल पुरानी परंपरा है और अगर हम इसे अपने जीवन में उतार लें तो शांत मन के साथ-साथ शारीरिक हालत भी अच्छी रहने लगेगी l उन्होंने युवाओं को सन्देश देते हुए कहा आप युवा पीढ़ी हैं, आप भारत का भविष्य हैं l भारत के प्राचीन ज्ञान पर और अधिक ध्यान दीजिए l बाहरी चीजें मसलन आधुनिक विज्ञान, आधुनिक शिक्षा बहुत अच्छे, बहुत उपयोगी है, परंतु जहां तक भीतरी दुनिया की बात है तो मेरा खयाल है कि उसके सामने आधुनिक शिक्षा, आधुनिक ज्ञान अभी भी बहुत ही शुरुआती चरणों में है l

दलाईलामा ने कहा कि हजारों सालों से अहिंसा का जो पाठ भारत में पढ़ाया जाता है, इसकी वजह से भारत पाकिस्तान से ज्यादा शांत देश है l पाकिस्तान में मुस्लिमों की संख्या बहुत है लेकिन भारत में उससे भी कहीं ज्यादा, फिर भी भारत में ज्यादा शांति है, जबकि दोनों ही जगहों के लोग कुरान पढ़ते हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में अहिंसा का पाठ पढ़ाया जाता हैl

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *