Wednesday, January 17, 2018
Home > दुनिया > इस इमाम ने दी मुल्लों को सरेआम चुनौती – भारत से सभी कट्टर मुल्लों को भेज दूंगा मक्का – देखते रह जायेंगे आज़म और ओवैसी

इस इमाम ने दी मुल्लों को सरेआम चुनौती – भारत से सभी कट्टर मुल्लों को भेज दूंगा मक्का – देखते रह जायेंगे आज़म और ओवैसी

भारत में तेजी से फैलते कट्टर इस्लाम को रोकने के लिए अब खुद एक इमाम उठ खड़े हुए हैं l आये दिन भारत में जिस तरह से कट्टर मुस्लिम फतवा जारी करते रहते हैं और जिस तरह से भारत में रहकर ही भारत के राष्ट्रगीत तक को गाने का विरोध होता है, उसे रोकने के लिए खुद एक इमाम भारत के कट्टरवादी मुस्लिमों के सामने आ गए हैं l

जी हाँ दुनिया में कट्टर इस्लाम के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाले ऑस्ट्रेलिया के माने-जाने इमाम मोहम्मद ताहिदी भारत आना चाहते हैं। उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया कि ‘क्या भारत में लोग मुझे जानते हैं, अगर मेरा यह ट्वीट जनवरी से पहले 10 हजार बार रीट्वीट हो गया तो मैं 2018 में भारत आऊंगा।’

इसके बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया और इसमें उन्होंने लिखा कि  ‘अगर मैं भारत आया तो वहां के कट्टरवादी मुल्लाओं को इमरजेंसी छुट्टी पर मक्का जाना पड़ जाएगा।’

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में इमाम ताहिदी फाउंडेशन के प्रमुख ताहिदी दुनियाभर में इस्लाम पर उपदेश देने जाते रहते हैं और वह अपने बयानों की वजह से ज्यादातर मुस्लिम इमामों के निशाने पर रहते हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया में जब भी कहीं आतंकी हमला होता है, तो वह सभी इमामों को इसके लिए कोसते हैं। बेल्जियम के ब्रशल्ज में हुए ब्लास्ट के बाद उन्होंने इमामों से जिहाद पर उपदेश देना बंद करने की अपील की थी और इसके साथ ही मुस्लिम कट्टर संगठनों द्वारा किए जाने वाले हमलों की निंदा करने को भी कहा था l

गौरतलब है कि ताहिदी मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले हिजाब की आलोचना भी कर चुके हैं और उनके इस बयान के बाद पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में उनपर हमला हुआ था। 2 मुस्लिम युवकों ने उनकी कार का दरवाजा खोलकर उन्हें कई घूंसे मारे। इसके बाद ताहिदी ने बयान दिया कि ऑस्ट्रेलिया धार्मिक कट्टरवादियों का स्वर्ग बनता जा रहा है।

इसके अलावा ताहिदी वैश्विक मंचों पर शरिया कानून अपनाने वाले मुस्लिम देशों की आलोचना करते हैं। खासतौर पर इंडोनेशिया में प्रेम करने वाले गैर-शादी-शुदा जोड़ों को खुलेआम कोड़े मारे जाने की परंपरा का उन्होंने विरोध किया था l

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *