Wednesday, January 17, 2018
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राम रहीम की ख़बरों के बीच इलाहाबाद से आई ऐसी ख़बर जिसे पढ़कर उड़ जायेंगे आपके होश – 32 साल और “मौलवी, महिला – हलाला हीरो”

गुरुवार से मीडिया ख़ासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया यानि न्यूज़ चैनलों पर सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही ख़बर है l शुक्रवार को इस ख़बर को तब और बल मिल गया जब पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने बाबा राम रहीम को बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहरा दिया l इसके बाद बाबा हर न्यूज़ चैनल पर छा गए l बाबा को दोषी क़रार दिए जाने के बाद हरियाणा और पंजाब समेत देश के पांच राज्यों में ज़बरदस्त हिंसा फ़ैल गयी और अब तक करीब 35 लोग इस हिंसा में अपने प्राण गँवा चुके हैं l

वहीँ इन ख़बरों के बीच एक ख़बर इलाहाबाद से भी आई लेकिन इस ख़बर को न तो नेशनल न्यूज़ चैनल ने दिखाया न ही मीडिया में इसका कहीं ज़िक्र हुआ l 32 सालों से इस मौलवी की तलाश थी l हलाला के नाम पर इस मौलवी ने अब तक 39 महिलाओं की ज़िन्दगी बर्बाद कर दी और यहाँ तक कि उनसे पैसे भी एंठे लेकिन मजाल क्या कि किसी भी न्यूज़ चैनल पर ये ख़बर आई हो l इस मौलवी को धर दबोचा गया और वो भी फ़िल्मी अंदाज़ में l दिलचस्प ये कि जिसने मौलवी साहब को पकड़ा वो खुद फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं l

पुलिस ने गुरुवार को एक इनामी शातिर अपराधी आफताब उर्फ नाटे को गिरफ़्तार किया। ये पिछले 32 साल से पुलिस और आम जनता की आंखों में धूल झोंककर मौलवी के रूप में छुपकर घूम रहा था। यही नहीं, इस दौरान इसने ट्रिपल तलाक की पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण भी किया। तमिल फिल्म में एक्टिंग कर चुके एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अनिरुद्ध सिंह ने एडीजी इलाहाबाद एसवी सावंत की अगुवाई में बॉलीवुड स्टाइल में गिरफ़्तार किया।

आफ़ताब उर्फ़ नाटे पर इलाहाबाद पुलिस ने 12 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा के मुताबिक नाटे 1985 से फरार चल रहा था।

“नाटे नाम बदलकर मौलाना करीम के नाम से घूम रहा था। वो मुंबई, सूरत, अजमेर शरीफ और फर्रुखाबाद जैसे शहरों की मस्जिदों और दरगाहों में छिपता फिर रहा था।” नाटे दरगाहों में आने वाले श्रद्धालुओं से कहता था कि मैं तांत्रिक हूं, भूत-प्रेत की बाधा दूर कर सकता हूं। ऐसा बोलकर वो लोगों से पैसे ऐंठता औऱ उन्हें आफताब गंडा और ताबीज बनाकर देता।

एसपी सिटी के मुताबिक नाटे खुद को हलाला निकाह एक्सपर्ट भी बताता था। “उसने पूछताछ के दौरान झांसा देकर 39 महिलाओं का हलाला करवाने की बात कबूल की है। उसने लोगों को धोखा तो दिया ही, साथ ही लाखों रुपए भी ऐंठे।” इस धोखेबाजी के बिजनेस के लिए उसने अपना नेटवर्क तैयार किया था।

33 सालों में उसने खुदको सिद्ध मौलाना बताकर दर्जन से ज्यादा शागिर्दों की टीम बनाई थी। ये शागिर्द उसके तंत्र मंत्र की विद्या का प्रचार प्रसार करते थे। मौलाना करीम के नाम से ही वह सारे गलत करता था, लेकिन कहीं पर भी उसने अपना कोई ID प्रूफ नहीं बनवाया था।

पुलिस से बचने के लिए वह महीने-15 दिन में सिम कार्ड चेंज कर देता था। गोपनीय तरीके से फैमिली से कॉन्टेक्ट में रहता था। जब पुलिस ने फैमिली से पूछताछ की तो उन्होंने उसके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से मना कर दिया था।

परिवार का कहना था कि नाटे से उनका कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वह उन पर तेजाब फेंक कर घर से भागा था और तब से वापस नहीं लौटा। पुलिस ने लगातार उनका नंबर सर्विलांस पर रखा और नाटे की लोकेशन का पता लगाया।

गिरफ्तार होने के बाद नाटे ने बताया, “मैं इलाहाबाद के शाहगंज थाना क्षेत्र में रहता था। 1981 में मोहल्ले के लड़के मोहम्मद अजमत ने मेरी भांजी से छेड़खानी की थी। उसकी हरकत ने मेरे अंदर इतना गुस्सा भर दिया कि मैंने बदला लेने की ठान ली।” “मैं अजमत के पास पहुंचा और उसे वहीं गोली से उड़ा दिया। पुलिस ने मुझे गिरफ्तार किया और दो साल बाद 1983 में मुझे जिला कोर्ट ने ताउम्र कारावास की सजा सुनाई।” “मैंने सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दाखिल की और दो साल बाद 1985 में मुझे जमानत भी मिल गई। जेल से बाहर आते ही मैं शहर से भाग गया।”

26 एनकाउंटर कर चुके इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह ने बताया, “हमने एक महीने पहले इसकी तलाश तेज की। 15 दिन पहले खबर मिली कि आफताब उर्फ नाटे कौशांबी एक प्रोग्राम में आ रहा है। हम वहां पहुंचे थे, लेकिन वो चकमा दे कर निकल गया।” “हमने उसके फैमिली मेंबर्स का फोन सर्विलांस पर रखा था, जिससे हमें पुराने साथी नवाब के बारे में पता चला। हमने उसे दबोचा।

पहले उसने नाटक किया, फिर हमारी सख्ती के बाद उसने नाटे की डीटेल्स बताईं।”  “नवाब ने बताया- नाटे पीर बाबा की मजार पर एक मेंटल आदमी की झाड़-फूंक करने आया था। वही फैमिली उसका नंबर देगी।”

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अनिरुद्ध सिंह इस मौलवी से मेंटल मरीज़ बनकर मिले जिसके बाद ये मौलवी उनका इलाज़ करने के लिए तैयार हो गया l जब मौलवी इलाज़ कर रहा था उसी दौरान ये पुख्ता किया गया कि ये मौलवी ही नाटे है या नहीं l उधर ये कन्फर्म हो गया कि यही नाटे है और इधर मौलवी अनिरुद्ध सिंह को कभी मोरपंखी, कभी झाड़ फूंक तो कभी ताबीज़ से छूता रहा l इसके बाद अनिरुद्ध सिंह ने मौलवी से गाड़ी में साथ चलने को कहा तो इस पाखंडी मौलवी ने मना कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने इसे धर दबोचा l

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