Friday, December 15, 2017
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इमाम और मौलवियों की खुली पोल – रिपोर्ट में हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा – पढ़कर सन्न रह जायेंगे आप

इमाम और मौलवियों की हर मुस्लिम इज्ज़त करता है और करनी भी चाहिए लेकिन शरियत कानून का फायदा उठाकर ये इमाम और मौलवी किस हद तक घिनौना काम करते हैं, ये आप सोच भी नहीं सकते l अभी हाल ही में 15 अगस्त के अपने भाषण में पीएम मोदी ने तीन तलाक का मुद्दा उठाया था और इसके बाद सोशल मीडिया समेत सियासी हलकों में ये चर्चा जोर पकड़ने लगी कि अब देश में तीन तलाक़ जल्द ही ख़त्म होने वाला है l

अब हम आपको जो बताने जा रहे हैं ये उतना ही भद्दा है, जितना सुनने में लगता है कि बड़ी संख्या में मौलवी ऐसी तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनके साथ एक रात गुजारते हैं, जो इस्लामी कानून के तहत अपनी शादियों को बचाना चाहती हैं l ये खुलासा एक हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक ने अपनी एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट के ज़रिये किया है l

समाज में मुस्लिमों के ठेकेदार बने इमाम और मौलाना निकाह हलाला की विवादित प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए 20,000 से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की रकम तो लेते ही हैं, इसके साथ ही औरत की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसके साथ एक रात भी गुजारते हैं l

आपको बता दें कि निकाह हलाला के मुताबिक अगर किसी मुस्लिम महिला का तलाक हो चुका है और वह अपने पति से दोबारा निकाह करना चाहती है, तो उसे पहले किसी और शख्स से शादी कर एक रात गुजारनी होती है और फिर उस दूसरे शख्स से तलाक लेना होता है l ऐसा होने के बाद ही वो अपने पहले पति के साथ दोबारा शादी करके रह सकती है और पर्सनल लॉ में इसी तरह का प्रावधान है l

दरअसल आज तक की इंवेस्टीगेटिव टीम ने जांच में इस वर्जित रिवाज पर फोकस किया है, जिस पर वैसे नोटिस नहीं लिया गया है जैसे कि लिया जाना चाहिए था l तीन तलाक पर मीडिया और देश की सर्वोच्च अदालत में बहस के दौरान भी हलाला का पहलू अछूता ही रहा l आज तक की जांच ने ऐसे कई इस्लामी मौलवियों को बेनकाब किया, जो अपना चार्ज लेकर ऐसी महिलाओं के साथ हलाला के लिए तैयार दिखे, और जो अपनी टूटी शादी को बचाने के लिए हताश हैं l

गाजियाबाद में आज तक के अंडर कवर रिपोटर्स ने सबसे पहले मोहम्मद नदीम से मुलाकात की l नदीम मुरादाबाद से सटे लालबाग में मदीना मस्जिद में इमाम है और जांच से ये तथ्य सामने आया कि नदीम पहले से शादीशुदा है l नदीम से एक काल्पनिक तलाकशुदा मुस्लिम महिला के रिश्तेदार बनकर अंडर कवर रिपोर्टर्स ने बात की l इसके बाद नदीम ने इस महिला के लिए ‘एक रात का शौहर’ बनने के लिए रजामंदी दिखाई l रिपोर्टर ने जब नदीम से पूछा कि क्या आपकी पत्नी ऐतराज नहीं जताएगी, तो इस पर जवाब मिला कि नहीं उसे कोई ऐतराज नहीं होगा l रिपोर्टर ने फिर सवाल किया कि क्या आपने अपनी पत्नी से इस बारे में बात की है l इस पर नदीम ने कहा, ‘नहीं, मैंने उससे बात नहीं की है l मैंने उसे नहीं बताया है और उसे बताने की जरूरत ही क्या है?’

लालबाग की मदीना मस्जिद के इमाम नदीम ने कबूल किया कि वो पहले भी कई निकाह हलाला शादियों को अंजाम दे चुका है और इस बार उसने अपनी पूरी ‘सर्विस’ के लिए पैकेज डील का हवाला दिया, जिसमें सेक्स करना भी शामिल था l नदीम ने एक लाख रुपए की मांग की और साथ ही गारंटी भी दी कि वो महिला के साथ एक रात गुजारने के बाद उसे तलाक दे देगा जिससे कि वो पर्सनल लॉ के मुताबिक पहले पति के साथ दोबारा निकाह करने के लिए काबिल हो जाए l जांच में पाया गया कि ये ‘एक रात के दूल्हों’ का कारोबार व्यापक जड़े जमाए हुए है l

इसी तरह दिल्ली के जामिया नगर में इंडिया टुड़े के अंडर कवर रिपोर्टर्स ने जुबेर कासमी का रुख किया l मौलाना की काबिलियत रखने वाले जुबेर की पहले से ही दो पत्नियां हैं लेकिन इसके बावजूद जुबेर ने पैसे के बदले निकाह हलाला के लिए तीसरी बार शादी के लिए तैयार होने में जरा भी देर नहीं लगाई l जुबेर ने शेखी बधारते हुए कहा, ‘मैं कई रात बाहर रहता हूं. दो (पत्नियों) के साथ मैनेज करना बहुत आसान हो जाता है और पहली को लगता है कि मैं दूसरी पत्नी के साथ हूं l वहीं, दूसरी पत्नी को लगता है कि मैं पहली के साथ हूँ l दो पत्नियों के साथ ये ज्यादा मुश्किल नहीं है l’ जुबेर ने मेहर के आधार पर अपनी ‘फीस’ भी बताई l

गौरतलब है कि मेहर वो रकम या गिफ्ट होती है जो मुस्लिम दूल्हा निकाह के दौरान देने का वादा करता है l जुबेर ने कहा, ‘किसी बात की फिक्र मत कीजिए, मैं सब इंतजाम कर दूंगा l अगर मेहर के 30,000 रुपए तय होते हैं तो 40,000 या 50,000 रुपए लगेंगे (निकाह हलाला में हिस्सा लेने के लिए) और इसमें कहीं कोई समस्या नहीं है.’l

इसके बाद इस चैनल की इंवेस्टीगेटिव टीम ने अगले दिन दिल्ली के दारूल उलूम महमूदिया मदरसा से जुड़े मोहम्मद मुस्तकीम का रुख किया और इस्लामिक अध्ययन में शिक्षित मुस्तकीम निकाह हलाला के लिए तलाकशुदा महिलाओं के साथ एक रात गुजारने को तैयार दिखा l मुस्तकीम ने दावा किया कि ये काम वो पहले भी कई बार कर चुका है l मुस्तकीम ने माना, ‘कमरे में एक महिला थी, मैं वहां गया और सेक्स किया l इसके बाद तड़के 2-3 बजे रवाना होने से पहले मैंने उसे तलाक दे दिया.’l

मुस्तकीम ने बिना औपचारिक शादी किए निकाह हलाला को अंजाम दिया l इसके बाद अंडर कवर रिपोर्टर ने मुस्तकीम से पूछा, ‘आप तीन निकाह हलाला में शामिल रहे l सिर्फ एक मौके पर ही वास्तव में शादी की l बाकी दो निकाह हलाला बिना शादी के ही अंजाम दिएl ’मुस्तकीम ने कबूल किया, ‘हां बिना शादी के, उसके साथ सोने के बाद मैं 1 बजे चला गया l

इसी तरह बुलंदशहर के तिलगांव में मेवातियन मस्जिद के इमाम जहीरूल्लाह ने तो चैनल के कवर रिपोर्टर के सामने निकाह हलाला के लिए प्रस्तावित दूल्हे के तौर पर एक शख्स को पेश किया l आरिफ नाम के इस शख्स ने बड़ी उम्र के बावजूद अपनी मर्दानगी को लेकर ढींगे हांकने में कमी नहीं की l आरिफ ने कहा, ‘मेरा प्रोग्राम सेट है. आज, कल और परसो और मैं हमेशा (24X7) फिट हूं, माशाल्लाह.’ आरिफ ने अपनी फीस 25000 रुपए बताई l

गौरतलब है कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की देश प्रतीक्षा कर रहा है और तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के लिए निकाह हलाला का खतरनाक भंवरजाल अब भी खुला हुआ है l कुछ मामलों में संभावित डील को मौलवी खुद ही अंजाम देते हैं l अब इस रिपोर्ट को पढ़कर आप खुद समझ सकते हैं कि इस्लाम के क़ानून के मुताबिक़ वहां महिलाओं की कितनी इज्ज़त है l महिलाओं को न चाहकर भी क़ानून की आड़ में किस तरह सिर्फ और सिर्फ वासना का एक सामन बनाकर रख दिया गया है और ये सब वो करते हैं, जिन्हें आप मौलवी और इमाम कहते हैं l जो दूसरों को क़ुरान और इस्लाम का पाठ पढ़ाते हैं l

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