Friday, December 15, 2017
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नेपाल ने लगाई चीनी कंपनी को लात, भारत के साथ मिलाया हाथ, खरबों का नुकसान देख सनक गया ड्रैगन

डोकलाम में भारत से मात खाने के बाद चीन को अब एक और बड़ा झटका लगा है l भूटान पर जब चीन का बस नहीं चला तो भारत को घेरने के लिए चीन नेपाल को अपनी ओर करने की कोशिशों में लग गया, मगर अब चीन की नेपाल को अपनी तरफ करने की कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है l नेपाल सरकार ने बुधी गंडाकी नदी पर बनाए जा रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के चीनी कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है l

नेपाल के उपप्रधानमंत्री कमल थापा ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है l बताया जा रहा है की पीएम मोदी के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के लिए नेपाल ये कॉन्ट्रैक्ट भारतीय कंपनी को देने जा रहा है l नेपाल के उपप्रधानमंत्री कमल थापा ने ट्वीट करके लिखा कि, ”कैबिनेट ने गेचोउबा ग्रुप के साथ बुधी गंडाकी नदी पर बनने वाले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है.”l

हालांकि जब चीन की ओर से इस पर कोई टिप्पणी करने को कहा गया तो चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस बारे में अभी कोई ठोस जानकारी नहीं है एवं नेपाल और चीन के संबंध काफी अच्छे हैं, मगर ये तय माना जा रहा है कि नेपाल सरकार ने ये प्रोजेक्ट भारतीय कंपनी NHPC को देने का मन बना लिया है l

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले नेपाल सरकार ने चीनी कंपनी के साथ इस हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर डील की थी और साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के वन बेल्ट वन रोड का समर्थन भी किया था, मगर भारत की कूटनीति के चलते नेपाल ने अपना फैसला बदल दिया l

दरअसल नेपाल की पिछली प्रचंड सरकार ने इस हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को चीन की गेचोउबा ग्रुप को दिया था l नेपाल सरकार पर वहां के विपक्ष ने आरोप लगाए थे कि इस प्रोजेक्ट की बोली की प्रक्रिया सही तरीके से नहीं की गई थी और ऐसे ही चीनी कंपनी को प्रोजेक्ट सौंप दिया गया था, जिसके कारण प्रचंड सरकार की काफी आलोचना भी हुई थी l

मगर नेपाल की नयी सरकार ने पूर्व सरकार का फैसला बदल दिया l यह प्रोजेक्ट नेपाल की राजधानी काठमांडू से 50 किलोमीटर की दूरी पर है और इससे करीब 1200 मेगावाट की बिजली पैदा होगी, जिससे नेपाल को काफी फायदा मिलेगा l

गौरतलब है कि नेपाल का बॉर्डर भारत और चीन दोनों ही देशों की सीमा से लगता है और इस लिहाज से भारत और चीन के बीच नेपाल का रोल काफी अहम हो जाता है l हाल ही में डोकलाम विवाद के दौरान नेपाली पीएम शेरबहादुर देउबा ने भारत का दौरा किया था, जिस पर चीन ने भारत को आंखें दिखाई थीं l

चीन की ओर से कहा गया था कि भारत आर्थिक मदद की बदौलत नेपाल को रिझाने और वहां चीन के प्रभाव को कम करने का सपना न देखे l चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने लेख में भारत को चेतावनी दी है कि अगर चीन भी ऐसा करने लगा तो भारत को मुंह की खानी पड़ेगी l

चीन चाहे कितना भी बौखलाए, लेकिन ये बात भारत कभी भूल नहीं सकता कि उसने भारत को एक बार नहीं बल्कि कई बार धोखा दिया है l धोखे से 1962 का युद्ध जीता और भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया l कांग्रेस सरकार कुछ नहीं कर सकी, मगर अब वक़्त और हालात बदल चुके हैं l पीएम मोदी चीन के मंसूबे फेल करते हुए उसे चारों ओर से घेरते जा रहे हैं  l

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