Wednesday, January 17, 2018
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एनजीटी ने फिर दी हिन्दुओं की आस्था को गाली – सुना दिया ये तुगलकी फ़रमान – क्या एक ही धर्म का लिया है ठेका ?

एनजीटी ने एक बार फिर फिर पर्यावरण के नाम पर हिन्दुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई और एक ऐसा तुगलकी फ़रमान सुना दिया, जिसे किसी भी मायने में सही नहीं कहा जा सकता l सोशल मीडिया पर एनजीटी के इस फ़रमान के ख़िलाफ़ लाखों लोग उतर आये हैं l

दरअसल एनजीटी ने अमरनाथ यात्रा पर जयकारे लगाने और मंत्रों के उच्चारण पर रोक लगाने का आदेश दिया है। एनजीटी ने अमरनाथ को साइलेंस जोन घोषित करने का आदेश देते हुए कहा कि यह इलाका पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और इस इलाके में ग्लेशियरों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यहां शोर- शराबा नहीं होना चाहिए और यात्रियों की संख्या भी सीमित होनी चाहिए।

अब भक्त जहां अमरनाथ की सीढ़ियां शुरू होती हैं, वहां पर जयकारा और घंटियां नहीं बजा सकेंगे, ऐसा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश की वजह से हो रहा है l लैंड स्लाइड (पत्थर गिरने) की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है l यही नहीं आदेश में यात्रियों के मोबाइल फोन पर भी बैन लगाने की बात कही गई है l

एनजीटी ने अमरनाथ को साइलेंस जोन घोषित करने का आदेश दिया है l एनजीटी ने यह फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि कुछ मंदिरों मे बात करने की मनाही है और वहां पर साइलेंस जोन है, जैसे बहाई मंदिर, तिरुपति और अक्षरधाम में l वहीं अमरनाथ में ध्वनि के कारण लैंडस्लाइड का ख़तरा बढ़ जाता है l ऐसे में एनजीटी के अनुसार पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने और इलाके में ग्लेशियरों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यहां शोर-शराबा नहीं होना चाहिए और यात्रियों की संख्या भी सीमित होनी चाहिए l

एनजीटी में याचिका देने वाले वकील आदित्य सिंघला ने बताया कि एनजीटी ने यह आदेश वहां के इकोलॉजिकल स्ट्रक्चर को देखते हुए दिए हैं, जिससे लैंड स्लाइडिंग की घटनाएं न बढ़े l जब एक साथ सैंकड़ों लोग घंटिया बजाते है या फिर जयकारे लगाते है तो वहां के पर्यावरण को नुकसान होता है l

आपको बता दें कि पिछले महीने एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को श्रद्धालुओं को पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध न कराने और इस मामले में दिसंबर के पहले हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट न सौंपने को लेकर फटकार लगाई थी l अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार लगाने के बाद ही एनजीटी की ओर से ये आदेश जारी किया गया है l एनजीटी ने आदेश में कहा कि श्राइन बोर्ड को यह तय करना चाहिए कि लोग आखिरी चेक पोस्ट से अमरनाथ गुफा तक एक ही लाइन में जाएं l एनजीटी ने कहा कि श्राइन बोर्ड इस बात की व्यवस्था करे कि यात्री अपना सामान सुरक्षित रूप से रख सके l

इस बीच इस पर विवाद भी तेज हो गया है और केंद्र की सरकार पर काबिज बीजेपी ने इसे एंटी हिन्दू एजेंडा क़रार दिया l एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को आदेश देते हुए कहा कि अमरनाथ में घंटियां नहीं बजनी चाहिए। इसके अलावा यात्रियों को मोबाइल फोन और अन्य सामान ले जाने की भी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि ‘श्राइन बोर्ड को यह ध्यान रखना चाहिए कि वहां स्टोर रूम बनना चाहिए, जहां लोग अपने सामान को जमा करा सकें।’ यही नहीं एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि श्राइन बोर्ड को यह तय करना चाहिए कि लोग आखिरी चेक पोस्ट से अमरनाथ गुफा तक एक ही लाइन में जाएं।

इस बीच इस पूरे मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है और बीजेपी ने इसे ऐंटी-हिंदू अजेंडा करार दिया है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश के प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा ने कहा कि ‘जिस तरह से एनजीटी के बयान हिंदुओं के खिलाफ आते हैं, हम उसके विरोध में हैं। अब अमरनाथ यात्रा को लेकर कहा गया है कि आप वहां जयकारे नहीं लगा सकते हैं, आप वहां मंत्रोच्चार नहीं कर सकते हैं।’

बग्गा ने एक अंग्रेजी चैनल से बातचीत में कहा कि  ‘यदि आप वहां मंत्र ही नहीं उच्चारित कर सकते तो फिर यह यात्रा कैसे हुई। एनजीटी की ओर से ऐंटी-हिंदू अजेंडा चलाया जा रहा है। यह ऐंटी-हिंदू है। हम अमरनाथ यात्रा जाएंगे और मंत्र भी पढ़ेंगे। यदि आपको माइक से दिक्कत है तो फिर एक धर्म के ही माइक से दिक्कत नहीं होनी चाहिए।’

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