Wednesday, January 17, 2018
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पीएम मोदी के बाद सीएम योगी के इस एक्शन ने उड़ाई अखिलेश की नींद – फंसे बड़ी मुसीबत में – कभी भी खुल सकते हैं जेल के दरवाज़े

उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश का क्या हाल बनाकर रख दिया था, ये बात अब किसी से छिपी नहीं है l हालात ये हो चुके थे कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को कहना पड़ गया था कि यूपी में सरकार पुलिस थानों में बंद अपराधियों द्वारा चलाई जाती है  l अखिलेश और उनके नेताओं ने यूपी को जमकर लूटा l

नेताओं के साथ, भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर जनता के अरबों रुपये डकार गए, जिसकी जांच कराकर दोषियों को दंड देने का वादा पीएम मोदी ने किया था  l अब इस ख़बर को देखकर लगता है कि मोदी अपने वादे को निभाने में तेजी से लगे हुए हैं  l

भ्रष्ट अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की खुली छूट जांच एजेंसियों को मिली हुई है और इसी के तहत आयकर विभाग के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव के ठिकानों पर छापे मारे हैं l कहने को तो ये महाशय केवल एक सरकारी अधिकारी हैं, मगर इनकी संपत्ति देखकर आपके होश उड़ जाएंगे l

सपा और अन्य नेताओं के करीबी सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में जमकर लूट की और कुछ ही वक़्त में अकूत संपत्ति जमा कर ली l शुक्रवार सुबह सात शहरों में 20 से अधिक ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है और ये छापे दिल्ली-नोएडा-फरीदाबाद-गाजियाबाद-एटा में पड़े हैं l

राजेश्वर सिंह यादव के उत्तर प्रदेश के कई बड़े-बड़े राजनेताओं के साथ याराना संबंध हैं, मगर इनके यारों को जनता ने सत्ता से उखाड़ फेंका है l लिहाजा अब पोल खुल रही है. आयकर विभाग की नोएडा यूनिट छापेमारी कर रही है l फिलहाल राजेश्वर सिंह दिल्ली स्थित आगरा कैनल ओखला ऑफिस में तैनात हैं और राजेश्वर सिंह की बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी और अवैध संपत्ति कमाने के चलते छापेमारी की गयी है l

आपको बता दें कि ये महाशय कोई अकेले सरकारी अधिकारी नहीं हैं, जो भ्रष्टाचार में गले तक डूबे हैं l इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में अधिकारी पर छापेमारी हो चुकी है l 954 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाला मामले में आयकर विभाग ने यादव सिंह और उनकी पत्नी के परिसरों पर छापे मारे थे l

इनके यहाँ से भी भारी मात्रा में नगदी, दो किलो सोना और हीरे के आभूषण बरामद हुए थे l  विभाग ने उनके दर्जन से ज्यादा बैंक खातों और उनके द्वारा संचालित निजी फर्मों को भी अपनी जांच के दायरे में ले लिया था l

हाल ही में एक आरटीआई के जरिए खुलासा हुआ था कि अखिलेश यादव सरकार ने नोएडा के पूर्व इंजीनियर यादव सिंह मामले में सीबीआई जांच से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकीलों पर लगभग 21.15 लाख रुपये खर्च किये थे, यानी अखिलेश यादव खुद ही भ्रष्ट सरकारी अधिकारी को बचाने के लिए लाखों रुपये वकीलों पर खर्च कर रहे थे l

मामला साफ़ है कि अखिलेश यादव और उनकी चोर पार्टी के नेताओं की मिलीभगत से ही सभी घोटाले किये गए l जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इनके पाप उजागर हो रहे हैं l ये तो तय है कि एक बार जांच पूरी होते ही इन्हे भी इनके पापों का दंड जरूर मिलेगा l

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