Wednesday, January 17, 2018
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मुस्लिमों को देश में डरा हुआ बताने वाले उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को पीएम मोदी का करारा जवाब – बातों – बातों में कह दी ये जोरदार बात

महज़ 24 घंटे और इन 24 घंटों में देश के उपराष्ट्रपति या कहें आज के बाद भूतपूर्व उपराष्ट्रपति होने वाले हामिद अंसारी को 2 बार देश के मुस्लिम याद आ गए l महज़ 24 घंटों के अन्दर हामिद अंसारी ने देश में मुस्लिमों को असहज, असुरक्षित, और डरा हुआ बता दिया लेकिन ज़नाब शायद ये भूल गए कि वो इसी देश के 2 बार उपराष्ट्रपति भी रह चुके हैं l

क्या अजीब संयोग है, क्या गज़ब की अवसरवादिता है, कि जिस देश के राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को देश के मुस्लिम सबसे सुरक्षित लगते थे, आज उसी देश के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को देश में अल्पसंख्यक असुरक्षित लगने लगे l

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गुरुवार को राज्यसभा में जाते- जाते जब अपना अंतिम भाषण दिया तो उसमें भी उन्होंने देश में मुस्लिमों की बात छेड़ दी l एक दिन पहले देश में अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिमों के लिए डर और असुरक्षा के माहौल की बात कहने के अगले दिन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने संसद में सरकार को एक बार फिर इशारों में नसीहत दी। अपने कार्यकाल के आखिरी दिन अंसारी ने राज्यसभा में कहा कि किसी भी लोकतंत्र की पहचान उसमें अल्पसंख्यकों को मिली सुरक्षा से होती है।

उपराष्ट्रपति अंसारी ने कहा, ‘मैं 2012 में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के हवाले से कुछ कहा था। आज भी मैं उनके शब्दों को कोट कर रहा हूं। किसी लोकतंत्र की पहचान इससे होती है कि उसमें अल्पसंख्यकों की कितनी सुरक्षा मिली हुई है। लोकतंत्र में अगर विपक्षी समूहों को स्वतंत्र होकर और खुलकर सरकार की नीतियों की आचोलना करने की इजाजत न हो तो वह अत्याचार में बदल जाती है।’ उपराष्ट्रपति के इस बयान पर उच्च सदन में खूब तालियां भी बजी।

अंसारी ने कहा, ‘साथ में यह भी जरूरी है कि अल्पसंख्यकों की भी जिम्मेदारी है। उनके पास आलोचना का अधिकार है लेकिन उस अधिकार का मतलब यह नहीं है कि संसद को बाधित करें।’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता चर्चा में है न कि चर्चा को बाधित करने में।

इसके बाद देश के मुस्लिमों में सुरक्षा की भावना वाले बयान से सरकार को जाते-जाते ‘नसीहत’ देने वाले उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में ‘अर्थपूर्ण’ शब्दों के साथ विदाई दी। मोदी ने लगातार 2 कार्यकाल पूरा करने वाले अंसारी के योगदान की चर्चा की, लेकिन साथ ही कुछ चुटकियां भी लीं। राज्यसभा में अंसारी को विदाई देते हुए मोदी ने कहा कि हो सकता है कि कार्यकाल के दौरान उनके अंदर कुछ छटपटाहट रही हो, लेकिन यह संकट आज के बाद नहीं रहेगा। मोदी जब यह बोल रहे थे, तब राज्यसभा के पदेन सभापति होने के नाते हामिद अंसारी सदन का संचालन कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के शुरुआत में हामिद अंसारी के परिवार के लंबे राजनीतिक इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘एक ऐसा परिवार जिनका करीब 100 साल का इतिहास सार्वजनिक जीवन का रहा। उनके नाना और उनके दादा कभी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष रहे, कभी संविधान सभा में रहे। एक प्रकार से आप ऐसे परिवार की पृष्ठभूमि से आते हैं जिनके परिवार का सार्वजनिक जीवन से, खासकर कांग्रेस के जीवन के साथ और कभी खिलाफत मूवमेंट के साथ भी काफी कुछ सक्रियता रही।’

हामिद अंसारी राजनयिक भी रह चुके हैं और पीएम ने उनकी विदाई पर दिए अपने भाषण में इस बात पर चुटकी ली। पीएम मोदी ने कहा, ‘आपका अपना जीवन भी डिप्लोमैट का रहा। एक करियर डिप्लोमैट का क्या काम होता है यह पीएम बनने के बाद मुझे समझ में आया…क्योंकि उनके हंसने का क्या अर्थ होता है…हाथ मिलाने के तरीके का क्या अर्थ होता है.. यह तुरंत समझ नहीं आता क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वही होती है…लेकिन इस कौशल का इस्तेमाल 10 सालों में जरूर हुआ होगा …सबको संभालने में उस कौशल ने किस प्रकार से इस सदन को लाभ पहुंचाया होगा।’

प्रधानमंत्री के छोटे से भाषण के दौरान उनकी चुटकियों पर कई बार हामिद अंसारी भी मुस्कुराते दिखे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आपके कार्यकाल का बहुत सारा हिस्सा वेस्ट एशिया से जुड़ा रहा है बतौर डिप्लोमैट। उसी दायरे में जिंदगी के बहुत सारे आपके वर्ष गए। उसी माहौल में, उसी सोच में, उसी डिबेट में ऐसे लोगों के बीच रहे। वहां से रिटायर होने के बाद भी ज्यादातर काम वही रहा चाहे माइनॉरिटी कमिशन हो या अलीगढ़ यूनिवर्सिटी हो।’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘लेकिन ये 10 साल पूरी तरह एक अलग तरह का जिम्मा आपके पास आया…पूरी तरह एक-एक पल संविधान-संविधान-संविधान के दायरे में चलाना…और आपने उसे बाखूबी निभाने का भरपूर प्रयास किया…हो सकता है कुछ छटपटाहट रही होगी आपके अंदर भी, लेकिन आज के बाद शायद आपको वैसा संकट नहीं रहेगा…मुक्ति का आनंद भी रहेगा…और अपने मूलभूत जो सोच रही होगी उसके अनुसार कार्य करने, सोचने का और बात बताने का अवसर भी मिलेगा।’

आपको बता दें कि अंसारी ने उपराष्ट्रपति के तौर पर लगातार 2 कार्यकाल पूरे किए और वह 2007 में उपराष्ट्रपति बने थे। बाद में 2012 में भी वह उपराष्ट्रपति चुने गए थे l अब अंसारी के बाद देश के अगले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू होंगे l

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