Wednesday, January 17, 2018
Home > दुनिया > भारत की ताक़त को कम आंकने वालों के लिए अमेरिका से आई ये रिपोर्ट – पूरी दुनिया में मची सनसनी – पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट

भारत की ताक़त को कम आंकने वालों के लिए अमेरिका से आई ये रिपोर्ट – पूरी दुनिया में मची सनसनी – पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट

भारत के इलाकों पर कब्जा करने का ख़्वाब देखने वाले चीन और पाकिस्तान के माथे पर चिंता की लकीरें साफ़ देखी जा सकती हैं l इसलिए नहीं क्योंकि भारत न्युक्लियर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) का सदस्य बनने जा रहा है, बल्कि भारत की परमाणु ताकत चीन और पाक के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है l लंदन के किंग्स कॉलेज की प्रोजेक्ट अल्फा रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत का वर्तमान रणनीतिक व्यापार उसकी परमाणु शक्ति को बढ़ाने में मदद करेगा l

रिपोर्ट के मुताबिक़ हथियारों के मामले में बेहद गुप्त रूप से भारत यूके और फ्रांस से भी आगे निकल गया है और जल्द ही प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़े मुद्दों में भारत इन देशों पर हावी हो सकता है l हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बेल्फर सेंटर की ‘Indian Nuclear Exceptionalism’ रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के पास 2600 परमाणु बम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री मौजूद है l

इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस सिलसिले में वर्तमान में भारत तीसरे नंबर है, केवल अमेरिका और रूस ही उससे आगे हैं l ये खबर आप न्यूज़ स्पिरिट.कॉम पर पढ़ रहे हैं l इस रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की ताकत किस तरह से बढ़ी है और भारत जल्द ही एलीट न्युक्लियर ग्रुप में शामिल हो जाएगा, क्योंकि भारत की वजह से अन्य राष्ट्रों को भी फायदा हो सकता है l भारत सक्रिय रूप से उन्हें विभिन्न सामग्रियों की आपूर्ति कर सकता है l

भारतीय नौसेना ने 2022 तक नौसैनिक बेड़े को अत्याधुनिक बनाने तथा परमाणु शक्ति से लैस करने के लिए छह और परमाणु पनडुब्बी बनाने का महत्वाकांक्षी मिशन शुरू किया है और इसके जरिये भारतीय नौसेना, फ्रांस और ब्रिटेन की नौसेना से भी ज्यादा ताकतवर हो जायेगी, जोकि भारत के लिए एक महान उपलब्धि होगी l

भारत की बढ़ती ताकत देख चीन की चिंता कई गुना बढ़ गयी है, क्योंकि भारत सीधे चीन की तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश नीति पर दबाव डाल सकता है l कुछ ही वर्षों में भारत की ताकत इतनी अधिक हो जायेगी कि चीन भारत के किसी भी आतंरिक मामले में हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं कर पायेगा l

भारत-अमेरिका और भारत-जापान की बढ़ती हुई सैन्य साझेदारी भी चीन के लिए सिरदर्द बन गयी हैं, क्योंकि भारत एशिया के विभिन्न हिस्सों में अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा है l चीन और पाकिस्तान जानते हैं कि भारत जल्द ही आर्थिक रूप से और परमाणु ताकत के मामले में एक वैश्विक शक्ति बनने जा रहा है l

इससे सबसे बड़ी समस्या पाकिस्तान के लिए खड़ी हो रही है, क्योंकि फिर वो कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की कभी हिम्मत नहीं जुटा पायेगा l यदि मोदी 2019 में फिर से जीत कर सत्ता पर काबिज हो जाते हैं, तो चीन के पास कोई चारा नहीं रह जाएगा कि वो पाकिस्तान का साथ छोड़कर भारत के रास्ते का काँटा बनना बंद करदे, इसी में उसकी खैर होगी l

पूरे एशिया में भारत से टक्कर लेने वाला कोई नहीं होगा और जिस तरह से भारत में भ्रष्टाचार का खात्मा होता जा रहा है, भारत विकासशील देशों की सूची से बाहर निकल कर विकसित देश के रूप में खुद को स्थापित कर लेगा l

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *