Wednesday, January 17, 2018
Home > दुनिया > ये है रोहिंग्या मुस्लिमों की हक़ीक़त – इस हद तक गिर गये कुछ दरिन्दे – क्या अब भी करेंगे इनकी भारत में रहने की वक़ालत ?

ये है रोहिंग्या मुस्लिमों की हक़ीक़त – इस हद तक गिर गये कुछ दरिन्दे – क्या अब भी करेंगे इनकी भारत में रहने की वक़ालत ?

रोहिंग्या मुस्लिमों के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है और अब सवाल ये कि क्या इस खुलासे के बाद भी रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में रखने की वक़ालत करने वाले अब अपनी आवाज़ उठाएंगे ? ये बड़ा सवाल इसलिए क्योंकि रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में रखने के लिए इस वक़्त सारे सिकुलर नेता लगभग एक हो चुके हैं और देश की सरकार के ये कहने के बाद भी कि रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं, इन्हें भारत देश में रखने को आमादा हैं l इस से भी ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिमों का केस लड़ने के लिए प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुके हैं और अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन है l

इस सबके बीच रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है l म्यांमार के रखाइन राज्य में रोहिंग्याओं पर हो रही हिंसा और उनके पलायन के बीच वहां रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं को लेकर भी एक बड़ा खुलासा हुआ है। म्यांमार के स्टेट काउंसलर इन्फर्मेशन ऑफिस ने बताया कि 25 अगस्त को 300 रोहिंग्याओं ने 100 हिंदुओं का अपहरण किया और उनमें से 92 को मौत के घाट उतार दिया गया लेकिन इनमें से 8 किसी तरह बच गए। ये सभी महिलाएं थीं जिन्हें बाद में इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया और फिर बांग्लादेश ले जाया गया।


म्यांमार की सेना को 28 हिंदुओं की सामूहिक कब्र मिलने के दो दिन बाद यह खुलासा हुआ है। उत्तरी रखाइन के एक गांव के बाहर मिली इस कब्र में महिलाओं और बच्चों के शव भी शामिल थे। म्यांमार की सेना के मुताबिक यह सामूहिक कब्र रखाइन राज्य में रोहिंग्या चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे नरसंहार का सबूत है।

ख़बर ये है कि कुछ हिंदू शरणार्थियों ने यह बताया कि किस तरह उन्हें रोहिंग्या चरमपंथियों ने डरा-धमका कर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया। रखाइन के एक निवासी ने बताया कि, ‘रोहिंग्या आतंकवादियों ने हमपर तलवार, भाले और बंदूकों से हमला किया जिसके बाद हमें रखाइन से भागना पड़ा।

वे सैकड़ों की संख्या में थे और किशोर लड़कों से लेकर 30-35 साल की उम्र के थे। उन्होंने कहा कि यह एक इस्लामिक राज्य है। वे चिल्ला रहे थे कि यह हमारा रोहिंग्या राज्य है। हमने उनसे कहा कि रखाइन उनका नहीं है। उन्होंने कहा कि वे हिंदुओं को मार देंगे और हमने उन्हें ऐसा करते भी देखा। जब उन्होंने हमारे घरों को आग लगा दी तो हम वहां से भाग गए।’

उन्होंने दावा किया कि 30 से ज्यादा हिंदू गायब थे जिनमें से 8 के शव बरामद किए गए हैं। सोमवार को 17 और हिंदुओं के शव बरामद किए हैं। रखाइन से भागने में कामयाब रही एक अन्य महिला ने एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल को बताया कि, ‘वे नकाब पहन कर आते थे। उनकी आंखों के अलावा कुछ नहीं देखा। उन्होंने हमें दबोच लिया। उनके पास बंदूकें, कुल्हाड़ी, चाकू थे। उन्होंने मेरे एक रिश्तेदार को गला रेतकर मार दिया। उन्होंने जबर्दस्ती हमें इस्लाम कबूल करवाया। उन्होंने मेरे पति, ननद और उनके बेटे को गला रेतकर मार दिया।’

एक अन्य बांग्लादेशी सहायक ने बताया कि ‘रोहिंग्या मुस्लिमों को म्यांमार सेना के साथ ही रखाइन में रह रहे अन्य धर्मों के लोगों से दिक्कत है और वे हिंदुओं को तकलीफ पहुंचा रहे हैं और उन्हें रखाइन से भगा रहे हैं। हिंदू परिवारों को निर्दयता से काटा जा रहा है।’

आपको बता दें कि उत्तरी रखाइन में बीते 25 अगस्त से ही हिंसा छिड़ी हुई है, जब रोहिंग्या चरमपंथियों ने पुलिस और सेना की पोस्ट्स पर हमला किया था। इसके बाद से सेना की कार्रवाई जारी है और इस हिंसा की वजह से संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अभी तक 4 लाख 30 हजार रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में शरण लेनी पड़ी है।

संयुक्त राष्ट्र ने इसे नस्लीय सफाए के लिए जानबूझकर चलाया गया अभियान बताया है, लेकिन रखाइन में रह रहे हजारों हिंदू और बौद्ध भी अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इनका आरोप है कि रोहिंग्या आतंकी इनपर हमला कर रहे हैं l

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *