Wednesday, January 17, 2018
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एक और कांग्रेसी नेता फंसा बड़ी मुश्किल में – खुल गए कई अहम राज – अब क्या कहेंगे कांग्रेसी ?

काग्रेसियों के काले कारनामों का लगातार पर्दाफ़ाश हो रहा है और अब एक और कांग्रेस के बड़े नेता का काला चिटठा खुलता नज़र आ रहा है l कांग्रेस के कर्णधार कहे जाने वाले पी.चिदम्बरम के बेटे के ख़िलाफ़ सीबीआई ने कोर्ट में जो कहा है वो बेहद चौंकाने वाला है lपीएम मोदी को लगातार कोंग्रेसी क्यों कोसते आ रहे हैं और इसका पता आपको इस ख़बर  से चल जाएगा l

दरअसल कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के नाम भ्रष्टाचार से जुड़े होने के रोज़ खुलासे हो रहे हैं और ऐसे में कई कांग्रेसी नेताओं  के जेल जाने का वक़्त करीब आता जा रहा है l सीबीआई ने देश के पूर्व वित्तमंत्री और उनके बेटे के ख़िलाफ़ पक्का केस तैयार किया है और पुख्ता सबूत हासिल किये हैं l सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने जो कहा उसे देख आप समझ जाएंगे कांग्रसियों की छटपटाहट के पीछे का राज क्या है l

सीबीआई ने शुक्रवार को (22 सितंबर) को सुप्रीम कोर्ट में दावा किया है कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को विदेश जाने से रोकने के लिए उनके ख़िलाफ़ लुकआउट सर्कुलर जारी करने का निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि वो अपने अनेक विदेशी बैंक खातों को बंद कर रहे थे l

जांच तेज होती और अपने काले कारनामे उजागर होते देख कार्ति चिदंबरम विदेशों में खोले अपने तमाम बैंक खाते बंद करने में जुटा हुआ था l अपने पिता के पद का फायदा उठाकर जितने कालेकारनामे और मनी लॉन्डरिंग के कारनामे किये हैं और उनकी जांच से खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था l

इसके साथ ही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को ये जानकारी भी दी कि जांच के दौरान कार्ति के भ्रष्टाचार से जुड़े अनेक मुद्दे सामने आए हैं और अभी कई अन्य सामने आने की उम्मीद है l आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कार्ति के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले से संबंधित एक प्रकरण की सुनवाई कर रहा है l

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस धनन्जय वाई. चन्द्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ के सामने सीबीआई अपनी जांच से जुड़े दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में पेश करना चाहती थी, लेकिन कार्ति के वकील और कोंग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने इसका विरोध किया, मगर ऐसा करके कपिल सिब्बल का दांव उलटा पड़ गया और कार्ति की भरी अदालत में किरकिरी हो गयी l

दरअसल सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कार्ति के विदेश में किये गए काले कारनामों से जुड़े दस्तावेज वो सीलबंद लिफाफे में अदालत को देना चाहते हैं, लेकिन सिब्बल इस बात पर अड़े रहे कि जो कुछ भी है वो सब सामने रखा जाए, ना कि इस तरह सील बंद लिफ़ाफ़े में l

बस फिर क्या था, सिब्बल की इस बेवकूफी का फायदा उठाते हुए अतिरिक्त सलिसिटर जनरल ने सीलबंद लिफाफे में मौजूद दस्तावेजों के अंशों के बारे में अदालत को सबके सामने ही जानकारी दे दी. उन्होंने कहा कि मैं बताता हूं कि सीलबंद लिफ़ाफ़े में क्या है और कार्ति जब विदेश में थे तो उन्होंने क्या किया l

कीर्ति ने पूछताछ के दौरान बताया था कि विदेश में उनका सिर्फ एक बैंक खाता है. जो कि सरासर झूठ था और पूछताछ के बाद जब कार्ति विदेश गये तो उन्होंने अनेक बैंक खातों को बंद कर दिया l मैं यह सब नहीं बताना चाहता था क्योंकि इससे कार्ति भरी अदालत के सामने शर्मिंदा होते मगर मुझे ऐसा करने के लिए बाध्य कर दिया गया l

हालांकि फजीहत होने के बावजूद सिब्बल रुके नहीं और उन्होंने एक और गलत दांव खेलते हुए पूछ लिया कि क्या आपने बैंक खातों और संपत्ति के बारे में कार्ति से एक भी सवाल किया? यदि किसी भी खातें में कार्ति के हस्ताक्षर दिखा दें, तो वो फेमा अथवा काला धन कानून के तहत उस पर मुकदमा चला सकते हैं. l

आपको बता दें कि कार्ति चिदंबरम के ख़िलाफ़ यह मामला सीबीआई द्वारा 15 मई को दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है और आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपए प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताएं बरती गयीं थी और ये मंजूरी दिए जाने के समय यूपीए सरकार में पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे l यानी आरोप है कि बेटे को भ्रष्टाचार करने में पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए पद का दुरुपयोग करते हुए सहायता दी थी l

जैसे-जैसे जेल जाने के रास्ते साफ़ हो रहे हैं, वैसे-वैसे मोदी का विरोध बढ़ता जा रहा है और उन्हें तानाशाह कहा जा रहा है l उनके फ़ैसलों को गलत बताते हुए किसी तरह से अगले चुनाव में उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश की जा रही है क्योंकि एक बार पीएम मोदी अगर सत्ता से हट गए तो फिर तो भ्रष्टाचारी नेताओं की जान बच जायेगी l

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