Friday, December 15, 2017
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रोहिंग्या घुसपैठियों पर सख्त हुई मोदी सरकार – देखते ही गोली मारने का आदेश – रोहिंग्या मुस्लिमों में हडकंप

एक तरफ़ म्यांमार से रोहिंग्या मुस्लिमों को खदेड़ा जा रहा है तो दूसरी तरफ मोदी सरकार ने भी देश से रोहिंग्या मुस्लिमों को बाहर करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं l हांलाकि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है l

सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या शरणार्थियों की तरफ से दायर एक पिटीशन में मो. सलीमुल्लाह और मो. शाकिर ने कहा है कि रोहिंग्या मुस्लिमों का प्रस्तावित निष्कासन संविधान आर्टिकल 14(समानता का अधिकार) और आर्टिकल 21 (जीवन और निजी स्वतंत्रता का अधिकार) के ख़िलाफ़ है। इस केस की पैरवी रोहिंग्या मुस्लिमों की तरफ से प्रशांत भूषण कर रहे हैं l रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में रोकने का ज़िम्मा प्रशांत भूषण ने उठाया है l जी हाँ, भूषण साहब सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या मुस्लिमों का केस लड़ रहे हैं l ये वही प्रशांत भूषण हैं, जो आतंकी याकूब मेमन को फांसी से बचाने के लिए देर रात सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाने पहुँच गए थे l

उधर म्यांमार से जिन रोहिंग्या मुस्लिमों को बाहर फेंका जा रहा है, उनके भारत की तरफ आने का खतरा बढ़ गया है l डर ये है कि ये सभी भारत की सीमा में न घुस जाएँ l इस लिहाज़ से मोदी सरकार ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सेज को ये सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी आतंकी या घुसपैठिये को देखते ही गोली मार दी जाये l आपको बता दें कि ये रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेशी सीमा की तरफ से भारत में दाखिल हो सकते हैं लिहाज़ा वहां पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गयी है l

रोहिंग्या मुस्लिमों का ख़तरा बढ़ता ही जा रहा है और म्यांमार से 2 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिम खदेड़े जा चुके हैं l ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुताबिक़ ये रोहिंग्या मुस्लिम अवैध तरीके से बांग्लादेश में घुसपैठ कर चुके हैं l बांग्लादेश खुद इन्हे ख़तरा मानता है और इन्हें खदेड़ने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है l ऐसे में मोदी सरकार ने इनकी भारत में घुसपैठ रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है l

दरअसल बांग्लादेश से ये रोहिंग्या मुस्लिम भारत में घुसपैठ कर सकते हैं और इनका रास्ता पश्चिम बंगाल हो सकता है l पश्चिम बंगाल में इस वक़्त ममता बनर्जी की सरकार है और ममता बनर्जी को बांग्लादेशियों और मुस्लिमों का पक्का हितैषी माना जाता है l

ऐसे में ये साफ़ है कि बंगाल के रास्ते ये रोहिंग्या मुस्लिम आसानी से भारत में घुसपैठ कर सकते हैं l ऐसे में मोदी सरकार की ओर से बॉर्डर सिक्योरिटी फाॅर्स को मुस्तैद रहने के आदेश दिए गए हैं l अवैध तरीके से घुसपैठ कर रहे किसी भी आतंकी या कट्टरपंथी को गोली मारने के निर्देश दिए गए हैं l

आपको बता दें कि रोहिंग्या मुस्लमानों को लेकर देश में कई तरह के विवाद छिड़ गए हैं और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि रोहिंग्या अवैध प्रवासी हैं और उनको वापिस उनके मुल्क भेजा जाएगा।

इसी के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश को अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान करने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। साथ ही कहा गया है कि भारत में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों की पहचान करके उन्हें बाहर निकाला जाए। इस एडवाइजरी के जरिए रोहिंग्या मुसलमानों से खतरे की बात भी कही है।

ये एडवाइजरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा उठाने के बाद सामने आई है। कहा जा रहा है कि आतंकी संगठन रोहिंग्या मुसलमानों को भारत के ख़िलाफ़ आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इस समय भारत में लगभग 40 हजार अलग-अलग राज्यों में अवैध तरीके से रह रहे हैं। हांलाकि ये सरकारी आंकड़ा है लेकिन बाकी संगठनों के मुताबिक़ इनकी तादाद देश में तकरीबन 1 लाख से ज्यादा तक पहुँच चुकी है l दिल्ली की कालिंदी कुञ्ज, हरियाणा का नूहं, हैदराबाद और जम्मू कश्मीर तो इनके गढ़ बन चुके हैं l सबसे ज्यादा रोंहिग्या मुस्लिम जम्मू में बसे हैं, यहां करीब 10,000 रोंहिग्या मुस्लिम रहते हैं।

सरकार को चिंता है कि इस समय रोटी, कपड़ा और मकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे रोहिंग्या आबादी आतंकी संगठनों के झांसे में जल्दी आ सकते हैं और ऐसे में सरकार भारत में शरण ले चुके 40 हजार रोहिंग्या शरणार्थियों को 40 हजार बारूद के ढेर के संभावित खतरे के तौर पर देख रही है।

अब ये बांग्लादेशी सीमा के जरिये भारत में और घुसपैठ न करें इसके लिए भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़ लगाने का 95 फ़ीसदी काम पूरा कर लिया गया है और अब नदियों, नालों और अन्य दुष्कर स्थानों पर ही बाड़ लगाने का काम बाकी रहता है, जिसे जल्द से जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए हैं l इसी के साथ बांग्लादेश बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा l

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाड़ के बीच-बीच में गेट भी लगाए गए हैं और दोनों देशों के नागरिक अब परमिशन लेकर केवल इन गेट के जरिये ही आ जा सकेंगे l बिना परमिशन के घुसने की कोशिश करने वालों को गोली मार दी जायेगी l

फ़िलहाल भारत-बांग्लादेश के बीच काफी अच्छे रिश्ते हैं इसलिए बॉर्डर सील करने में बांग्लादेश की ओर से भी सहयोग मिल रहा है l भारत और बांग्लादेश दोनों मिलकर यह बाड़ लगा रहे हैं l आपको बता दें कि पिछले साल भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर समझौता हुआ था, जिसके तुरंत बाद 250 गाँवों को कवर करने के लिए बाड़ लगाने का काम शुरू हुआ था l ये सभी गाँव बांग्लादेश की तरफ पड़ते हैं और बाड़ लगाने के बाद अवैध घुसपैठ के साथ-साथ तस्करी, नकली नोट जैसे कई अन्य अपराध भी बंद हो जाएंगे l

अब तक लगायी जा चुकी बाड़ के बाद बॉर्डर से जानवरों खासतौर पर गायों की तस्करी में 5-6 लाख की कमी आयी है l इससे पहले 23 लाख जानवरों की स्मगलिंग होती थी l अब ऐसे में रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए भारत में घुसपैठ करना आसान नहीं होगा l

गौरतलब है कि रोहिंग्या म्यांमार में 12वीं सदी से रहते आ रहे मुस्लिम हैं। अराकान रोहिंग्या नेशनल ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि रोहिंग्या हमेशा से ही अराकान में रहते आए हैं।

ह्यूमन राइट वाच के मुताबिक़, 1824-1948 तक ब्रिटिश रूल के बीच भारत और बांग्लादेश से प्रवासी मजदूर म्यांमार में गए, क्योंकि ब्रिटिश एडमिनिस्ट्रेटर्स के मुताबिक म्यांमार भारत का हिस्सा था इसलिए ये प्रवासी देश के ही माने जाएंगे l

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