Friday, December 15, 2017
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पद्मावती की रिलीज़ को बेताब शशि थरूर ने किया राजपूतों का सरेआम अपमान – स्मृति ईरानी ने दिया क़रारा जवाब

संजय लीला भंसाली की आने वाली मूवी पद्मावती को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक घमासान की शक्ल ले चुका है। स्मृति इरानी ने पद्मावती के संदर्भ में शशि थरूर की टिप्पणी को लेकर उनपर हमला बोला है। रोचक बात यह है कि थरूर पर निशाना साधने के लिए केंद्रीय मंत्री इरानी ने कांग्रेस के ‘राजाओं’ का ही सहारा ले लिया है।

आपको बता दें कि कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने एक दिन पहले ही कहा था कि अब आवाज़ उठाने वाले महाराजों ने उस वक़्त घुटने टेक दिए थे l शशि थरूर ने गुरुवार को पद्मावती विवाद पर एक टिप्पणी की थी। थरूर ने कहा था कि आज जो ये तथाकथित जांबाज महाराजा एक फिल्मकार के पीछे पड़े हैं और दावा कर रहे हैं कि उनका सम्मान दांव पर लग गया है, यही महाराजा उस समय भाग खड़े हुए थे जब ब्रिटिश शासकों ने उनके मान-सम्मान को रौंद दिया था।


थरूर के इस बयान का जवाब देते हुए स्मृति इरानी ने थरूर से सवाल पूछते हुए कहा कि  ‘क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह?’

दरअसल इरानी कांग्रेस के उन नेताओं के नाम लेकर थरूर पर निशाना साध रही हैं जो राजपूत शासकों के घराने का प्रतिनिधित्व करते हैं और जिनके बारे में इतिहास में साफ़ लिखा है कि इन महाराजों के घरानों ने अंग्रेजों का साथ दिया था l

वहीँ शुक्रवार को थरूर ने ट्वीट कर अपनी पुरानी टिप्पणी पर सफाई दी है। थरूर ने कहा कि  बीजेपी  के कुछ अंधभक्तों द्वारा साजिशन झूठा प्रचार किया जा रहा है कि मैंने राजपूत समाज के सम्मान के खिलाफ टिप्पणी की है।

थरूर ने कहा कि उनकी टिप्पणी उन राजाओं के खिलाफ थी जो स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अंग्रेजों के साथ थे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि राजपूत समाज की भावनाओं का आदर किया जाना सबका कर्तव्य है और बीजेपी व उसके सेंसर बोर्ड को इसका ख्याल रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं यह भी निर्भीक होकर कहूँगा कि भारत की विविधता व समरसता के मद्देनज़र राजपूत समाज की भावनाओ का आदर किया जाना सबका कर्तव्य है। राजपूतों की बहादुरी हमारे इतिहास का हिस्सा है व इस पर कोई प्रश्न नहीं उठा सकता। भाजपा व उसके सेन्सर बोर्ड को इन  भावनाओ का सम्मान करना चाहिए।

गौरतलब है कि दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर भंसाली की फिल्म पद्मावाती को एक दिसंबर को रिलीज होना है। उत्तर भारत और खासकर राजस्थान में इसे लेकर व्यापक प्रदर्शन चल रहे हैं। राजस्थान का करणी सेना नाम का संगठन इस विरोध में सबसे ज्यादा मुखर है। करणी सेना ने दीपिका पादुकोण को धमकी दी है कि जरूरत पड़ी तो उनकी नाक काट दी जाएगी। इस धमकी के बाद दीपिका की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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