Wednesday, January 17, 2018
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दुनिया के खुंखार आतंकी के साथ कांग्रेस कनेक्शन का हुआ खुलासा – सामने आये सबूत – देश की राजनीति में मचा तहलका

देश पर एक छत्र राज करने का सपना पालने वाली कांग्रेस के देश की जनता के साथ अच्छे सम्बन्ध हों या ना हों, मगर खूंखार आतंकियों के साथ जरूर हैं l जी हाँ ये हम नहीं कह रहे बल्कि एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल रिपब्लिक टीवी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर खुलासा करते हुए बताया है कि कैसे वित्त मंत्री रह चुके कोंग्रेसी नेता ने आतंकवादी के साथ मुलाक़ात की l

अब इसके बाद लगने लगा है कि कांग्रेस की परेशानी कभी खत्म नहीं होने वाली हैं l हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा था कि गुजरात चुनाव में पाकिस्तान दखल दे रहा है और अब इस खुलासे से कांग्रेस किसी को मुँह दिखाने लायक तक नहीं बची है l

दरअसल पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की एक फोटो सामने आई है, जिसमें तालिबान नेता भी है l फोटो में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम उसी कमरे में बैठे हैं, जहां तालिबान नेता मुल्ला अब्दुल ज़ीफ भी उपस्थित है और उनसे महज़ एक हाथ की दूरी पर बैठा है l ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि चिदंबरम ने तालिबान नेता से क्यों मुलाकात की और क्या बातचीत की?

ये फोटो 2013 की है, जब पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे l इस फोटो को केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2013 में पोस्ट किया था, उस वक़्त वो बीजेपी की प्रवक्ता थीं l आपको बता दें कि ज़ीफ तब गोवा में एक व्याख्यान देने के लिए आया था और यहां पूर्व मंत्री ने भी भाग लिया था l तालिबान के नेता को उस समय खुफिया एजेंसियों के सुझावों के बाद वीजा प्रदान किया गया था l

मुल्ला अब्दुल ज़ीफ , मुल्ला उमर का एक विश्वासपात्र था, जो 2001 में अमेरिकी आक्रमण से पहले अफगानिस्तान में तालिबान सरकार का नेतृत्व कर रहा था l अब यहाँ सवाल ये भी है कि आखिर एक खूंखार आतंकवादी को कांग्रेस शासन के दौरान वीज़ा क्यों दिया गया? आतंकवादियों से व्याख्यान दिलवाकर कांग्रेस साबित क्या करना चाहती थी?

दरअसल सभी मामले एक दुसरे से जुड़े हुए ही हैं l पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान ना केवल आतंकवादी को वीज़ा देकर उसे व्याख्यान के लिए बुलाया गया, मानो वो कोई बड़ा विचारक हो, बल्कि इसी कांग्रेस सरकार ने पाक आतंकियों के इशारों पर इस्लामिक आतंकवाद को कवर देने के लिए हिन्दू आतंकवाद या भगवा आतंकवाद जैसे शब्द को गढ़ा l

अब गुजरात चुनाव के दौरान गुप्त रूप से कांग्रेसी  नेताओं की पाकिस्तान के नेताओं के साथ मीटिंग ने ये बात साबित कर दी है कि कांग्रेसियों के पाकिस्तानी व् अफगानिस्तान के आतंकवादियों के साथ कुछ ज्यादा ही घनिष्ठ सम्बन्ध हैं l दरअसल कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के घर पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तानी उच्चायुक्त की मीटिंग की ख़बरें सच साबित हो गयीं हैं l भले ही कांग्रेस इस बाबत मना कर रही हो लेकिन अब पुख्ता सबूत सामने आ चुके हैं और इन सबूतों से ये साफ़ पता चलता है कि मणिशंकर अय्यर के घर पर दूसरे कई नेताओं के साथ पाकिस्तानी पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तानी उच्चायुक्त एक मीटिंग में मौजूद थे l

मणिशंकर अय्यर के घर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और उच्चायुक्त के साथ मीटिंग के पीएम के आरोप को कांग्रेस खारिज किया था। कांग्रेस ने पीएम की ओर से मीटिंग की बात को बेबुनियाद करार दिया था, लेकिन अब वह खुद ही इस मामले में भी घिर चुकी है l

पूर्व सेनाध्यक्ष दीपक कपूर ने भी खुद के इस बैठक में मौजूद रहने की पुष्टि कर दी है l  एक अखबार से बातचीत में कपूर ने कहा, ‘हां, मैं इस बैठक का हिस्सा था। इस मीटिंग में भारत-पाकिस्तान संबंधों के अलावा अन्य किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।’

कपूर के इस बयान से साफ है कि अय्यर के घर मीटिंग हुई थी, जबकि कांग्रेस के सीनियर लीडर आनंद शर्मा ने ऐसी किसी भी बैठक से इनकार किया था। हांलाकि बाद में कांग्रेस नेता ने यूटर्न लेते हुए बयान दिया था कि क्या कुछ खाने से पहले भी देश की सरकार से पूंछना पड़ेगा l

वैसे आपको बता दें कि सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी के भारत दौरे के वक्त मणिशंकर अय्यर ने डिनर मीटिंग का आयोजन किया था। कसूरी ‘भारत-पाक मौजूदा संबंध’ विषय पर आयोजित एक गोष्ठी में भी हिस्सा लेने आए थे।

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह, पूर्व सेनाध्यक्ष दीपक कपूर, पूर्व राजनयिक सलमान हैदर, टीसीए राघवन, शरत सभरवाल और के. शंकर बाजपेयी मौजूद थे। बाजपेयी, राघवन और सभरवाल पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त भी रह चुके हैं।

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान रविवार को पीएम मोदी ने गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को उठाया था। रैली में मणिशंकर अय्यर पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आखिर पाकिस्तानी उच्चायुक्त के साथ गुप्त बैठकें क्यों की गई थीं। आखिर क्यों इसके बाद पाकिस्तान के उच्च पदों पर बैठे लोग गुजरात में पटेल को सीएम बनाने के लिए सहयोग की पहल कर रहे हैं।

नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि जब मणिशंकर ने उन्हें नीच कहा था, उससे एक दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने अय्यर के घर पर मुलाकात की थी।

इस दौरान मोदी ने अय्यर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नीच बोलकर मेरा नहीं पूरे गुजरात का अपमान किया है। बता दें कि पिछले दिनों मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। इस बयान के बाद मचे सियासी घमासान को देखते हुए पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

रविवार को ही पाटन में आयोजित रैली में पीएम ने फिर से मणिशंकर अय्यर पर निशाना साधते हुए कहा, ‘गुजरात का अपमान करने वाले यही मणिशंकर अय्यर हैं, जिन्होंने पाकिस्तानी उच्चायुक्त के साथ सिक्रीट मीटिंग्स की थीं। इसका कारण क्या था? प्रधानमंत्री ने इशारे-इशारे में यह जताया कि कांग्रेस के नेताओं के पाकिस्तान से संबंध हैं।

अब कहीं न कहीं ये बातें दिल में शक़ पैदा करती हैं कि क्या पाकिस्तानी अधिकारियों के इशारों पर कांग्रेस भारत में पाकिस्तान का एजेंडा चलाती आयी है और चुनाव जीतने के लिए पाकिस्तानियों तक से मदद मांगती आई है ?

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